दुश्मनी, दंगा और अश्लील भाषा का इस्तेमाल... तृषा पर डबल मीनिंग टिप्पणी को लेकर उदयनिधि स्टालिन पर लगे 9 आरोप
तमिलनाडु के पूर्व डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन पर एक्ट्रेस तृषा से जुड़ी कथित डबल मीनिंग टिप्पणी के लिए तंजावुर में ...और पढ़ें

गिरफ्तारी के दौरान उदयनिधि स्टालिन। (फोटो- पीटीआई।)
डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु के पूर्व डिप्टी सीएम और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन पर तंजावुर में एक जनसभा के दौरान एक्ट्रेस तृषा से जुड़ी कथित डबल मीनिंग वाली टिप्पणी के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और तमिलनाडु महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह मामला तब दर्ज किया गया जब तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) की महिला शाखा ने तंजावुर ईस्ट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उदयनिधि ने अपमानजनक टिप्पणी की, जिससे एक्ट्रेस की गरिमा को ठेस पहुंची और महिलाओं का अपमान हुआ।
उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार
पुलिस ने मंगलवार सुबह चेन्नई स्थित उनके आवास से उदयनिधि को गिरफ्तार किया और फिर तंजावुर ले गई। इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए डीएमके नेता ने इसे कॉमेडी करार दिया और कोई भी आपत्तिजनक टिप्पणी करने से इनकार किया।
हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, "उन्होंने कट, कॉपी, पेस्ट करके झूठी खबर फैलाई है और दावा किया है कि मैंने कुछ ऐसा कहा जो मैंने कभी कहा ही नहीं। मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जो इन सब से डर जाए। मैं कानूनी तौर पर इसका सामना करूंगा।"
क्या है विवाद?
यह विवाद सोमवार को तंजावुर में कावेरी जल विवाद पर दिए गए एक भाषण से शुरू हुआ। भाषण के दौरान भीड़ ने बार-बार तृषा, तृषा के नारे लगाए और इसी दौरान उदयनिधि ने डबल मीनिंग टिप्पणी की।
कौन-कौन सी धाराएं लगाई गईं?
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायत के आधार पर पुलिस ने उदयनिधि पर बीएनएस की इन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
- धारा 196 – समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना।
- धारा 192 – दंगा भड़काना।
- धारा 352 – शांति भंग करने के इरादे से जान-बूझकर अपमान करना।
- धारा 79 – किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना।
- धारा 296(b) – सार्वजनिक जगह पर अश्लील शब्दों का इस्तेमाल करना।
- धारा 61 – आपराधिक साजिश।
- धारा 351(2) – आपराधिक धमकी।
- धारा 4, तमिलनाडु महिलाओं के उत्पीड़न निषेध (संशोधन) अधिनियम, 2002 महिलाओं का उत्पीड़न।
- धारा 67, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम इलेक्ट्रॉनिक रूप से आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करना।
स्टालिन ने किया हाई कोर्ट का रुख
विधानसभा सत्र से पहले डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने पार्टी नेताओं की एक आपातकालीन बैठक बुलाई, जबकि पार्टी सूत्रों ने बताया कि अग्रिम जमानत के लिए मद्रास हाई कोर्ट का रुख किया गया है।
इस बीच टीवीके ने भी इस मामले को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने उदयनिधि के खिलाफ कार्रवाई और बिना शर्त सार्वजनिक माफी की मांग की है।
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