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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 20, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केजरी ने इस्तीफा क्यों दिया, बताएंगे प्रत्याशी

By Abhishake PandeyEdited By:
Updated: Thu, 20 Nov 2014 09:23 AM (IST)

दिल्ली की सत्ता हासिल करने के 49 दिनों बाद आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के लिए बने हालात को पार्टी विधानसभा चुनाव प्रचार में भुनाएगी। आप ने इस साल 14 फरवरी को दिल्ली विधानसभा में चली कार्यवाही तथा

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नई दिल्ली। दिल्ली की सत्ता हासिल करने के 49 दिनों बाद आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के लिए बने हालात को पार्टी विधानसभा चुनाव प्रचार में भुनाएगी। आप ने इस साल 14 फरवरी को दिल्ली विधानसभा में चली कार्यवाही तथा कनॉट प्लेस के हनुमान रोड स्थित तत्कालीन पार्टी दफ्तर पर सुबह से शाम तक के माहौल को लेकर तैयार वीडियो को चुनाव प्रचार में इस्तेमाल करने का फैसला लिया है। ताकि मतदाताओं को इस्तीफे की मजबूरी के बारे में बताया जा सके।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि केजरीवाल भले ही स्वीकार कर रहे हों कि इस्तीफा देने का उनका फैसला गलत था। लेकिन जो हालात बन गए थे, उसमें अपना और पार्टी का स्वाभिमान बचाने के लिए इस्तीफा ही एकमात्र रास्ता था। केजरीवाल के इस्तीफे को लेकर विपक्षी दल सवाल खड़े कर रहे हैं। पार्टी ने ऐसे ही सवाल तैयार कर स्पष्टीकरण दिया है, ताकि चुनाव से पहले जनता तक बात पहुंचाई जा सके। नेताओं का कहना है कि दो मुख्य मुद्दो को लेकर पार्टी बनाई गई थी। जनलोकपाल कानून, जिससे घोटालो में लिप्त नेताओं व अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सके। दूसरा, स्वराज कानून- जिससे हर बड़े निर्णय में जनता की भागीदारी सुनिश्चित हो। केजरीवाल द्वारा जारी खुले पत्र में भी इन दोनों मुद्दों पर समर्थन मांगा गया था। कांग्रेस ने समर्थन तो दे दिया लेकिन जब केजरीवाल सरकार ने बिल को विधानसभा में पेश करने की कोशिश की तो वह भाजपा के साथ हो गई।