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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 05, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड: राष्ट्रपति शासन का फैसला रद कर इतिहास रचने वाले जज का तबादला

By Atul GuptaEdited By:
Updated: Thu, 05 May 2016 08:44 AM (IST)

केंद्र सरकार के फैसले को पलटते हुए उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन रद्द करने का फैसला सुनाने वाले उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का तबादला कर दिया गया है।

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देहरादून। उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले को पलटने वाले उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के एम जोसेफ का तबादला कर दिया गया है। जोसेफ को अब आंध्र प्रदेश स्थित हैदराबाद हाईकोर्ट भेज दिया गया है। जोसेफ ने जुलाई 2014 में उत्तराखंड में बतौर मुख्य न्यायधीश पद संभाला था।

गौरतलब है कि जस्टिस जोसेफ ने उत्तराखंड में केंद्र के राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले को खारिज कर हरीश रावत को फिर से मुख्यमंत्री बनने का रास्ता सुनिश्चित कर दिया था। न्यायाधीश जोसेफ और वीके बिष्ट की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा था, 'केंद्र की ओर से राज्य में धारा 356 का इस्तेमाल सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्धारित नियम के खिलाफ है।'

यही नहीं अपने फैसले में न्यायाधीश जोसेफ ने केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। जोसेफ ने साफ कहा था कि राष्ट्रपति भी कोई राजा नहीं है। राष्ट्रपति ही नहीं जज भी गलती कर सकते हैं और इनके फैसलों को अदालत में चुनौती दी जा सकती है।

इसी बीच हैदराबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस दिलीप बी भोसले का तबादला करके उन्हें मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर नियुक्ति दी गई गई है।

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