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    अमेरिका-ईरान परमाणु जांच और जब्त संपत्ति पर फिर आमने-सामने, ट्रंप के दावों का तेहरान ने किया खंडन

    Updated: Tue, 23 Jun 2026 11:22 PM (IST)

    अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में शांति वार्ता सकारात्मक रही, लेकिन परमाणु निरीक्षण, जब्त संपत्ति और होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन पर मतभेद बरकर ...और पढ़ें

    ट्रंप के दावों का तेहरान ने किया खंडन।

    ट्रंप के दावों का तेहरान ने किया खंडन।

    HighLights

    1. अमेरिका-ईरान वार्ता में परमाणु निरीक्षण पर मतभेद।

    2. ईरान ने जब्त संपत्तियों के उपयोग पर ट्रंप के दावे खारिज किए।

    3. होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बढ़ी, नई व्यवस्था।

    जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में पहले दौर की शांति वार्ता को सकारात्मक बताया जा रहा है, लेकिन परमाणु निरीक्षण, जब्त संपत्तियों के इस्तेमाल और होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन को लेकर दोनों देशों के दावे आमने-सामने आ गए हैं।

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अनिश्चितकाल तक परमाणु जांच की अनुमति देने को तैयार हो गया है। ईरान ने इसे खारिज करते हुए कहा कि क्षतिग्रस्त परमाणु ठिकानों के निरीक्षण के लिए न कोई योजना है और न ही कोई प्रोटोकॉल तय हुआ है।

    न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका द्वारा प्रतिबंधों में दी गई ढील और मुक्त की जाने वाली ईरानी संपत्तियों का इस्तेमाल केवल अमेरिकी खाद्यान्न, दवाओं और मानवीय सहायता सामग्री की खरीद में किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि यह धन एस्क्रो खाते में रखा जाएगा और इसके उपयोग पर अमेरिका का नियंत्रण होगा। ट्रंप के अनुसार, ईरान को मक्का, गेहूं, सोयाबीन और चिकित्सा सामग्री जैसी आवश्यक वस्तुओं की जरूरत है।

    ईरान ने ट्रंप के दावे को किया खारिज

    ईरान ने इस दावे को भी सिरे से खारिज कर दिया। रायटर्स के अनुसार, जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के लिए ईरान के राजदूत अली बहरेनी ने कहा कि जब्त संपत्तियों के उपयोग का फैसला केवल तेहरान करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका और कतर को कुछ तकनीकी व्यवस्थाएं करनी पड़ सकती हैं, क्योंकि कुछ ईरानी संपत्तियां वहां फंसी हैं, लेकिन खरीद और आयात का निर्णय ईरान के अधिकार क्षेत्र में रहेगा।

    बहरेनी ने बताया कि प्रतिबंध हटाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए जल्द दो कार्य समूह बनाए जाएंगे। ईरान की फ्रीज संपत्तियों में विदेशों में अटका तेल राजस्व और केंद्रीय बैंक का भंडार शामिल है।

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    क्षतिग्रस्त परमाणु ठिकानों के निरीक्षण से इनकार

    एपी के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में क्षतिग्रस्त परमाणु प्रतिष्ठानों के निरीक्षण की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को अनुमति देने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने आईएईए के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रोसी से बैठक की खबरों को भी नकार दिया।

    बघाई ने कहा कि परमाणु सुविधाओं के निरीक्षण को लेकर अभी कोई रूपरेखा या प्रोटोकॉल तय नहीं हुआ है। उनका यह बयान ट्रंप के उस दावे के विपरीत है, जिसमें उन्होंने ईरान के परमाणु जांच के लिए तैयार होने की बात कही थी।

    होर्मुज पर नई व्यवस्था की तैयारी

    इस बीच, अमेरिका-ईरान समझ के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बढ़ने लगी है। एएनआई के अनुसार, जहाजों की निगरानी करने वाली एजेंसियों के अनुसार, पिछले सप्ताह 71 जहाज इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरे। शनिवार को सबसे अधिक 35 जहाजों ने इसे पार किया। सामान्य दिनों में इस मार्ग से रोजाना करीब 100 से 130 जहाज गुजरते हैं।

    ट्रंप ने दावा किया कि सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से 1.9 करोड़ बैरल तेल की ढुलाई हुई, जो रिकार्ड है। उन्होंने कहा कि जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला है, तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आई है और दुनिया पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित हुई है। ऊर्जा आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद में कच्चे तेल की कीमत गिरकर करीब 77 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।

    ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब युद्ध-पूर्व की स्थिति में नहीं लौटेगा। उन्होंने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करते हुए अपनी व्यवस्था के तहत इस समुद्री मार्ग के प्रबंधन में भूमिका निभाएगा।

    गलीबाफ ने स्विट्जरलैंड वार्ता को ईरान के लिए लाभकारी बताया और दावा किया कि इससे तेल प्रतिबंधों में ढील तथा जब्त संपत्तियों को मुक्त कराने का रास्ता बना। उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड वार्ता इस लिहाज से भी सफल रही कि लेबनान में इजरायली खून-खराबा रोका गया।

    उधर, ओमान और ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही के भविष्य के प्रबंधन पर सहमति के लिए संयुक्त टीम बनाने का फैसला किया है। यह टीम नौवहन व्यवस्था, उससे जुड़े खर्च और सेवाओं पर बातचीत करेगी। दोनों देश तटीय राष्ट्रों और अन्य संबंधित पक्षों से भी चर्चा करेंगे।

    पाकिस्तान पहुंचे पेजेश्कियान

    पीटीआई के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान मंगलवार को एक दिवसीय यात्रा पर पाकिस्तान पहुंचे। वह अमेरिका के साथ हुए समझौते के प्रविधानों के क्रियान्वयन तथा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर पाकिस्तानी नेतृत्व से चर्चा करेंगे।

    पेजेश्कियान का नूर खान एयरबेस पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्वागत किया। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पाकिस्तान की दूसरी यात्रा है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी मस्कट से इस्लामाबाद पहुंचे हैं। वह गलीबाफ के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन पर ओमान के नेतृत्व से वार्ता कर चुके हैं।