ओडिशा डीजीपी चयन प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, कहा- 18 अगस्त तक कोई नाम तय न करे यूपीएससी
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से कहा कि वह ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति के लिए संभावित अधिकारियों के नामों ...और पढ़ें

ओडिशा के डीजीपी की नियुक्ति के लिए 18 अगस्त तक नाम तय न करे यूपीएससी : कोर्ट
HighLights
अगर पिछले दरवाजे से नियुक्ति होती है, तो वह मंजूर नहीं होगा
16 अगस्त को सेवानिवृत्त होने वाले हैं ओडिशा के मौजूदा डीजीपी
पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से कहा कि वह ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति के लिए संभावित अधिकारियों के नामों को 18 अगस्त तक अंतिम रूप न दे।
एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जायमाल्या बागची एवं जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने यूपीएससी और अन्य से जवाब मांगा।
पीठ ने यह भी कहा कि अगर पिछले दरवाजे से नियुक्ति होती है, तो यह मंजूर नहीं है।याचिका में आरोप लगाया गया है कि ओडिशा सरकार 2006 के प्रकाश सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए डीजीपी पद के लिए संभावित उम्मीदवारों की सूची में एक जूनियर अधिकारी को शामिल करने की कोशिश कर रही है।
ओडिशा के मौजूदा डीजीपी, वाईबी खुरानिया, 16 अगस्त को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। पीठ ने यूपीएससी के वकील से कहा, हम इस मामले पर 18 अगस्त को सुनवाई करेंगे। आप उस दिन हमारी सहायता करें, लेकिन इस बीच कोई अंतिम फैसला न लें।
प्रकाश सिंह मामले में 2006 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले और उसके बाद दिए गए निर्देशों में कहा गया था कि राज्य सरकार विभाग के उन तीन सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में से राज्य के डीजीपी को चुनेगी, जिन्हें यूपीएससी ने उस पद पर पदोन्नति के लिए चुना हो।
यह चुनाव सेवा की अवधि, बहुत अच्छे रिकॉर्ड और पुलिस बल की कमान संभालने के अनुभव के आधार पर किया जाएगा। सरल शब्दों में कहें तो डीजीपी पद के लिए यूपीएससी तीन वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सरकार को देगी।
सरकार को इन्हीं तीन में से किसी एक अधिकारी को डीजीपी चुनना होगा। एक बार चुने जाने के बाद उस व्यक्ति का कार्यकाल कम से कम दो साल का होना चाहिए रिटायरमेंट की तारीख चाहे जो भी हो।
न्यायालय को बताया गया कि यूपीएससी गुरुवार को बैठक करने वाला था। आयोग की ओर से पेश वकील ने पीठ को बताया कि सुनवाई की अगली तारीख तक इस मुद्दे पर कोई बैठक नहीं बुलाई जाएगी।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पी. चिदंबरम ने पीठ को बताया कि बुधवार को ओडिशा में एडीजीपी (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक) रैंक के एक अधिकारी को पदोन्नति दी गई। पीठ ने इस बात पर गौर किया कि मामले में किसी भी प्रभावित अधिकारी ने अदालत का रुख नहीं किया है।
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राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि प्रकाश सिंह मामले में शीर्ष अदालत के निर्देशों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। इस पर कोर्ट ने कहा, इसे स्पष्ट करें।