यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कोलकाता में ट्रांसजेंडर के हाथों में होगी एक मतदान केंद्र की कमान
महानगर में 30 अप्रैल को होने वाले मतदान के दौरान दक्षिण कोलकाता के एक मतदान केंद्र की कमान ट्रांसजेंडर के हाथों में होगी।

जागरण संवाददाता, कोलकाता। महानगर में 30 अप्रैल को होने वाले मतदान के दौरान दक्षिण कोलकाता के एक मतदान केंद्र की कमान ट्रांसजेंडर के हाथों में होगी। ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए चुनाव आयोग ने पहली बार इस तरह की पहल की है। इस मतदान केंद्र पर ट्रांसजेंडरों को चुनाव कर्मी के तौर पर नियुक्त किया जाएगा।
जिला चुनाव अधिकारी, कोलकाता दक्षिण स्मिता पांडेय ने बताया, 'ट्रांसजेंडर समाज में अस्वीकृत कर दिए जाने के डर से सामने आना नहीं चाहते। हम चाहते हैं कि वे सामने आएं। यह समूचे तीसरे लिंग के लिए एक संदेश है कि वे सामने आएं और जनता के सामने अपना परिचय दें। इस काम में सक्षम सरकारी कर्मियों को लगाया जा सकता था, लेकिन हमने ट्रांसजेंडरों को इसमें शामिल करने का निर्णय लिया।'
एसोसिएशन ऑफ ट्रांसजेंडर/हिजड़ा इन बंगाल (एटीएचबी) की प्रमुख रंजीता सिन्हा ने चुनाव आयोग के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि हम यह जानकर खुश हैं कि वे हमारे बारे में सोच रहे हैं। यह हमारे समुदाय को सशक्त करने की दिशा में एक कदम है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के 6.5 करोड़ मतदाताओं में महज 758 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। वहीं भवानीपुर और जादवपुर सीट से दो ट्रांसजेंडर भी चुनाव मैदान में हैं। ये दोनों रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। भवानीपुर से बाबी हाल्दार व जादवपुर से शंकरी मंडल प्रत्याशी हैं।
