Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Axiom-4: करोड़ों भारतीयों की उम्मीदों के साथ अंतरिक्ष की उड़ान भरेंगे गगनयात्री शुभांशु, आज अपने सफर पर होंगे रवाना

    By Agency Edited By: Jeet Kumar
    Updated: Wed, 11 Jun 2025 06:50 AM (IST)

    140 करोड़ से अधिक भारतीयों की उम्मीदों के साथ वायुसेना के ग्रुप कैप्टन गगनयात्री शुभांशु शुक्ला भारतीय समय अनुसार बुधवार शाम 530 बजे तीन साथी अंतरिक्ष ...और पढ़ें

    गगनयात्री शुभांशु आज अपने सफर पर होंगे रवाना (फाइल फोटो)
    गगनयात्री शुभांशु आज अपने सफर पर होंगे रवाना (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. आज शाम 5:30 बजे आईएसएस के सफर पर रवाना होंगे
    2. वायुसेना ने दी ''गौरव के साथ आसमान छूने'' की शुभकामना
    3. 41 साल बाद पहली बार अंतरिक्ष की उड़ान भरेगा भारतीय

    पीटीआई, नई दिल्ली। अंतरिक्ष में दोबारा भारत का परचम लहराने का 41 साल का इंतजार जल्द पूरा होने वाला है। 140 करोड़ से अधिक भारतीयों की उम्मीदों के साथ वायुसेना के ग्रुप कैप्टन गगनयात्री शुभांशु शुक्ला भारतीय समय अनुसार बुधवार शाम 5:30 बजे तीन साथी अंतरिक्षयात्रियों के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आइएसएस) के सफर पर रवाना होंगे।

    शुभांशु आइएसएस की उड़ान भरने वाले पहले भारतीय

    भारत के स्वदेशी अतंरिक्ष मिशन गगनयान के लिए चुने गए शुभांशु आइएसएस की उड़ान भरने वाले पहले भारतीय होंगे। वह अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय होंगे। इससे पहले राकेश शर्मा 1984 में सोवियत संघ के सोयूज अंतरिक्षयान से अंतरिक्ष स्टेशन सैल्यूट 7 पर गए थे।

    वायुसेना ने शुभांशु को ''गौरव के साथ आसमान छूने'' की शुभकामना दीं। वायुसेना ने एक्स पर पोस्ट किया, ग्रुप कैप्टन शुभांशु अंतरिक्ष मिशन पर जाने की तैयारी कर रहे हैं।

    वायुसेना प्रमुख ने दी शुभकामनाएं

    वायुसेना प्रमुख और सभी वायु योद्धा उन्हें और एक्सिओम-4 के चालक दल को आइएसएस की सुरक्षित और सफल यात्रा के लिए शुभकामना देते हैं। गौरव के साथ आकाश को छूओ!एक्सिओम स्पेस के मिशन एक्सिओम-4 के तहत शुभांशु फ्लोरिडा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से आइएसएस के सफर पर रवाना होंगे।

    शुभांशु के साथ जाने वाले अंतरिक्षयात्रियों में पोलैंड से स्लावोस्ज उजनांस्की-विस्नीवस्की, हंगरी से टिबोर कापू और मिशन की कमांडर अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन शामिल हैं। शुभांशु मिशन के पायलट होंगे।

    खराब मौसम देखा जाएगा

    स्पेसएक्स, नासा और एक्सिओम स्पेस फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर में मौसम के मिजाज पर नजर रख रहे हैं। स्पेसएक्स का फाल्कन-9 राकेट मंगलवार शाम फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से रवाना होने वाला था, लेकिन खराब मौसम को एक दिन के लिए टाल दिया गया था।

    खबरें और भी

    एक्सिओम-4 मिशन को पहले भी दो बार टालना पड़ा था। अंतरिक्षयात्रियों को 29 मई को रवाना होना था, लेकिन इसे आठ जून तक टाला गया। इसके बाद इसे 10 जून तक टाला गया।

    स्पेसएक्स के उपाध्यक्ष विलियम गे‌र्स्टनमेयर ने कहा कि इंजीनियरों ने फाल्कन-9 रॉकेट में कुछ खामियों को ठीक कर लिया है, जो स्टैटिक फायर टेस्ट के दौरान पाई गई थीं।

    आइएसएस में 14 दिन रहकर कई प्रयोग करेंगे

    चालक दल के सदस्य आइएसएस में 14 दिन रहकर कई प्रयोग करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उनसे बात कर सकते हैं। चालक दल स्कूली छात्रों, शिक्षकों और भारतीय अंतरिक्ष उद्योग के सदस्यों के साथ भी संवाद करेगा।

    गगनयान मिशन के लिए हुआ है शुभांशु का चयन शुभांशु को इसरो के मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन गगनयान के लिए भी शार्टलिस्ट किया गया है। गगनयान को 2027 में लांच किए जाने की संभावना है। गगनयान अभियान में पृथ्वी की 400 किलोमीटर पर स्थित निचली कक्षा में अंतरिक्षयात्रियों को भेजा जाएगा।

    इसरो एक्सिओम-4 मिशन पर 550 करोड़ रुपये खर्च करेगा

    इसके बाद पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी भी कराई जाएगी। उनकी इस यात्रा से उन्हें अंतरिक्ष उड़ान संचालन आपातकालीन तैयारियों के लिए व्यावहारिक अनुभव मिलेगा जो भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं के लिए आवश्यक है। इसरो एक्सिओम-4 मिशन पर 550 करोड़ रुपये खर्च करेगा।

    एएनआइ के अनुसार इसरो में सेवा दे चुके विज्ञानी नंबी नारायणन ने कहा है कि यह मिशन गगनयान परियोजना की प्रस्तावना है। इस मिशन के जरिये हमें इस तरह की स्थिति से निपटने का तरीका सीखने को मिल रहा है।

    एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में एमटेक हैं शुभांशु

    10 अक्टूबर 1985 को लखनऊ में जन्मे शुभांशु ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में शामिल होने से पहले सिटी मांटेसरी स्कूल से स्कूली शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में एमटेक की डिग्री प्राप्त की है। उन्हें सुखोई - 30 एमकेआइ, मिग-29, जगुआर और डार्नियर-228 सहित विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों पर दो हजार घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है।

    लखनऊ में भी जश्न की तैयारी

    शुभांशु की अंतरिक्ष उड़ान का जश्न मनाने के लिए लखनऊ में तैयारी है। सिटी मांटेसरी स्कूल ने ''पब्लिक वाच पार्टी'' की योजना बनाई है। पूरे शहर में बधाई देने वाले कई होर्डिंग्स लगाए गए हैं।

    लांचिंग को लाइव दिखाने के लिए कई स्क्रीन लगाई

    सिटी मांटेसरी स्कूल ने नासा/एक्सिओम कमेंट्री के साथ स्पेसएक्स की लांचिंग को लाइव दिखाने के लिए कई स्क्रीन लगाई हैं। शुभांशु की बहन सुचि मिश्रा ने कहा, हम लांचिंग का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं आइएएनएस के अनुसार शुभांशु की मां ने कहा, हमारे बेटे ने कुछ ऐसा किया है जो गर्व की बात है।