विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बंद से असम ठप, दार्जिलिंग बेहाल

By Edited By:
Updated: Mon, 05 Aug 2013 09:57 PM (IST)

कोलकाता [जागरण न्यूज नेटवर्क]। अलग-अलग राज्य गठन के लिए असम में चल रहे आंदोलनों व बंद के आह्वान से प्रदेश के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक ...और पढ़ें

News Article Hero Image

कोलकाता [जागरण न्यूज नेटवर्क]। अलग-अलग राज्य गठन के लिए असम में चल रहे आंदोलनों व बंद के आह्वान से प्रदेश के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सोमवार से बोडोलैंड की मांग को लेकर अखिल असम बोडो छात्रसंघ [आब्सू] व अखिल कोच राजवंशी [आक्रासू] के बंद का व्यापक असर रहा। इस दौरान कार्बी आंगलांग में जारी क‌र्फ्यू में छह घंटे की छूट दी गई। जबकि बंगाल के दार्जिलिंग में गोरखालैंड की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन बंद के तीसरे दिन भी लोग घरों में दुबके रहे। यहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बंगाल सरकार ने गृह सचिव को भेजा है।

बोडोलैंड बंद के दौरान असम में अन्य राज्यों से उपभोक्ता वस्तुओं को लेकर आने वाले सैंकड़ों ट्रक प्रदेश की सीमा पर खड़े रहे। सड़क व रेल परिवहन ठप होने से लोगों को यातायात में खासी परेशानी हुई। बंद समर्थकों ने सुबह शोणितपुर जिले में यात्री बसों पर पथराव किया और दो मोटरसाइकिलों में आग लगा दी। इस दौरान आब्सू के अध्यक्ष प्रमोद बोडो ने ईद को देखते हुए 60 घंटे के बंद को घटाकर 48 घंटे करने की घोषणा की। आक्रासू बंद का सबसे ज्यादा असर बंगाईगांव जिले पर दिखा। कार्बी आंगलांग में गत बुधवार से जारी क‌र्फ्यू में सोमवार को छह घंटे की ढील दी गई। इस दौरान डिफू शहर में उपद्रवियों ने वन विभाग के एक कार्यालय को जलाने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया।

गोरखालैंड की मांग को लेकर दार्जिलिंग में गोरखा जन मुक्तिमोर्चा [गोजमुमो] के बेमियादी बंद के तीसरे दिन लोग बेहाल दिखे। हालांकि सुरक्षाबलों की मौजूदगी में कुछ सरकारी कार्यालय खोले गए, लेकिन कर्मचारियों की उपस्थिति नगण्य रही। समर्थकों ने जिलाधिकारी कार्यालय को घेरने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने खदेड़ दिया। आंदोलन से नाराज बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहाड़ों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गृह सचिव बासुदेव बनर्जी को दार्जिलिंग भेजा है। गृह सचिव यहां कुछ दिनों तक कैंप करेंगे। इधर, गोजमुमो प्रमुख विमल गुरुंग ने चेतावनी दी कि आंदोलन को दबाने के लिए बल प्रयोग होता है तो किसी भी अप्रिय घटना के लिए सरकार जिम्मेदार होगी।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर