TMC पर दावेदारी: बागी गुट ने चुनाव आयोग से मांगा 15 दिन का समय, ममता गुट सौंप चुका है दस्तावेज
तृणमूल कांग्रेस पर दावेदारी को लेकर ऋतब्रत बनर्जी के बागी गुट ने चुनाव आयोग से दस्तावेज जमा करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है। ...और पढ़ें

TMC पर दावेदारी।
HighLights
बागी गुट ने चुनाव आयोग से 15 दिन का समय मांगा।
ममता गुट 6 जुलाई को ही दस्तावेज सौंप चुका है।
चुनाव आयोग जल्द ही समय बढ़ाने पर निर्णय लेगा।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस पर दावेदारी की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले बागी गुट ने चुनाव आयोग से अपना जवाब देने के लिए दोबारा पंद्रह दिन का और समय मांग लिया है। हालांकि चुनाव आयोग ने अभी उनकी मांग पर कोई जवाब नहीं दिया है लेकिन माना जा रहा है कि उन्हें आयोग कुछ और समय दे सकता है।
आयोग बाकी गुट को पहले भी समय दे चुका है। जिसमें छह जुलाई तक उन्हें पार्टी पर दावेदारी को लेकर अपना जवाब देना था। हालांकि उनकी मांग पर आयोग ने उन्हें दस जुलाई तक का समय दे दिया था।
बागी गुट ने मांगा 15 दिन का समय
आयोग के जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले बागी गुट ने दस जुलाई को आयोग के सामने पेश होकर पार्टी पर दावेदारी से जुड़े दस्तावेज पेश करने के लिए पंद्रह दिन का और समय मांग लिया है। हालांकि आयोग ने उनकी मांग पर कोई फैसला नहीं लिया है।
सोमवार देर रात तक आयोग लेगा निर्णय
माना जा रहा है कि सोमवार देर रात तक इस पर आयोग निर्णय ले लेगा। खासबात यह है कि बागी गुट ने आयोग से समय बढ़ाने की मांग तब की है,जब ममता गुट छह जुलाई को ही आयोग को सारे दस्तावेज दे चुका है। ममता गुट की ओर से लोकसभा के सांसद कल्याण बनर्जी ने आयोग को अपना जवाब सौंपते हुए बागी गुट के दावे को फर्जी बताया है।
दोनों पक्षों के जवाब आने का बाद फैसला लेगा आयोग
सूत्रों की मानें तो दोनों पक्षों की ओर से जवाब आने के बाद ही आयोग पार्टी पर अधिकार को लेकर कोई फैसला ले सकता है। वैसे भी नियमों के तहत पार्टी पर अधिकार का फैसला लोकसभा, राज्यसभा व विधानसभा के गुट के पास निर्वाचित प्रतिनिधियों का बहुमत, सांगठनिक पदाधिकारियों की संख्या व पार्टी के संविधान के आधार किया जाता है।
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गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी पर अधिकार को लेकर लड़ाई बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद शुरू हुई, जिसमें पार्टी नेता ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में करीब 60 विधायकों ने पार्टी से अलग अपना एक नया गुट बना लिया था।