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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वैदिक पर दूसरे दिन भी बवाल, सरकार ने झाड़ा पल्ला

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Updated: Tue, 15 Jul 2014 08:56 PM (IST)

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। मुंबई हमले के आरोपी और जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद से पत्रकार वेद प्रताप वैदिक की मुलाकात को लेकर संसद में लगातार दूसरे ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। मुंबई हमले के आरोपी और जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद से पत्रकार वेद प्रताप वैदिक की मुलाकात को लेकर संसद में लगातार दूसरे दिन घमासान जारी रहा। कांग्रेस ने दोनों सदनों में मुद्दे को उठाया और कार्यवाही नहीं चलने दी। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राज्यसभा में रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने वैदिक की आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक से मुलाकात से पल्ला झाड़ लिया और कहा कि इस घटनाक्रम से सरकार का कोई लेना-देना नहीं। सत्ता पक्ष पर हमले का नेतृत्व करते हुए राहुल गांधी ने वैदिक को आरएसएस से जुड़ा हुआ व्यक्ति करार दिया। राहुल ने कहा कि सब जानते हैं कि वैदिक आरएसएस से जुड़े हैं।

लोकसभा में हंगामे के बाद स्पष्टीकरण देते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि वैदिक ने न तो पाक यात्रा से पहले इस मुलाकात के बारे में सरकार को बताया और न ही लौटने के बाद। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग से इस मामले पर पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने वादा किया कि रिपोर्ट मिलने पर सदन से साझा की जाएगी। मामले पर राज्यसभा में हुए हंगामे के बीच वित्त व रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने सरकार के साथ ही पार्टी को भी वैदिक से अलग बताया।

उन्होंने कहा कि सईद के साथ ही कथित तौर पर कश्मीर को भारत से अलग करने जैसे विचारों पर बात करने वाले व्यक्ति का भाजपा से कोई रिश्ता नहीं हो सकता। जेटली ने कहा कि कश्मीर में अलगाववाद के मुद्दे पर भाजपा बीते 67 साल में सबसे कड़ा रुख अपनाने वाली पार्टी रही है। जेटली ने वैदिक की इस कवायद को 'व्यक्तिगत कूटनीतिक दुस्साहस' करार दिया।

मंगलवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने हमलावर रुख की अगुवाई करते हुए वैदिक को सीधे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा बताया। मामले पर कांग्रेस के हंगामे के कारण उच्चसदन की कार्यवाही तीन बार और लोकसभा की कार्यवाही एक बार स्थगित करनी पड़ी। संघ के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि वैदिक हमारे साथ नहीं जुड़े हैं।

संघ से भाजपा में गए राम माधव ने भी स्पष्ट किया कि वैदिक का संघ से कोई नाता नहीं है। लोकसभा में भी कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस सदस्य गृह मंत्री से मामले पर जवाब की मांग करने लगे। 'वैदिक को मत बचाओ, गृह मंत्री जवाब दो' और 'हाफिज का सच बताओ' के नारे लगाते हुए कांग्रेस सदस्य अध्यक्ष के आसन तक आ गए। वहां भी सुषमा के जवाब के बाद ही रेल बजट पर चर्चा शुरू हो सकी।

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