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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सामने आया नापाक झूठ, सर्जिकल स्ट्राइक पर पाकिस्तानी अफसर ने लगाई मुहर

By Abhishek Pratap SinghEdited By:
Published: Thu, 06 Oct 2016 12:38 AM (IST)Updated: Thu, 06 Oct 2016 08:37 AM (IST)

पीओके में भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक पर पाक के ही एक अधिकारी ने मुहर लगा दी है।

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नई दिल्ली, आइएएनएस : पाकिस्तान के कब्जे वाले गुलाम कश्मीर में भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान आतंकियों के साथ पाकिस्तानी सेना भी मौजूद थी। लश्कर आतंकियों के ये शिविर पाकिस्तानी सेना के ही ठिकाने थे। भारत की कार्रवाई में आतंकियों के साथ ही पाकिस्तान के कम से कम पांच फौजी भी मारे गए और नौ अन्य फौजी घायल हुए।

यह सारी जानकारी खुद एक पाकिस्तानी अफसर ने अनजाने में एक समाचार चैनल सीएनएन-न्यूज18 के पत्रकार को दी है। इस चैनल ने बुधवार को अपने संपादक की उस अफसर से बातचीत का टेप जारी कर भारतीय दावों की पुष्टि की है। गुलाम कश्मीर में तैनात मीरपुर क्षेत्र के एसपी (विशेष शाखा) गुलाम अकबर ने बताया कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार जाकर भारतीय सेना के कमांडो दस्ते ने पाकिस्तानी फौज को खासा नुकसान पहुंचाया है।

पाक पुलिस अफसर का बॉस बन बोला :-

पाकिस्तानी पुलिस अफसर को यह मुगालता था कि वह फोन पर अपने पाकिस्तानी अधिकारी (आइजी) से बात कर रहा है। पूरी बातचीत को चैनल ने रिकार्ड कर प्रसारित किया। इस दौरान साफ हो गया कि भारतीय फौज का हरेक दावा एकदम सही है। गुलाम कश्मीर के मीरपुर क्षेत्र के एसपी (विशेष शाखा) गुलाम अकबर ने माना कि 29 सितंबर की रात को निश्चित रूप से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अलसुबह कई सेक्टरों में भारतीय सेना की ओर से गोलीबारी हुई। पाकिस्तानी फौज भारतीय सैन्य कार्रवाई से अंजान थी। अकबर ने कहा, इस हमले में दो नहीं पाकिस्तान के पांच फौजी मारे गए।

कैंपों पर हमले का समय भी वही :

फोन पर अकबर से 29 सितंबर की रात में हुए भारतीय हमले में मारे गए पाकिस्तानी लोगों के बारे में ब्योरा मांगा गया। अकबर ने सच्ची तस्वीर पेश कर दी और कहा, मैं जानता हूं कि पिछली रात कई हमले हुए। भिंबर के सामाना, पुंछ के हजिरा, नीलम के दुधनिआल और हथियान बाला के कयानी में भारतीय फौज के हमले हुए। ये सभी पाकिस्तानी फौज के ही ठिकाने हैं।'

कुछ इस तरह से पहचाना जाता है भारतीय सेना के जवानों व ऑफिसर्स का रैंक

अकबर ने बताया कि भारतीय सेना के हमले के साथ ही पाकिस्तानी फौज पीछे हट गई थी। उसने कहा, 'सर, उस रात मोटे तौर पर 3-4 घंटे हमला जारी रहा। करीब रात के 2 बजे से लेकर सुबह के चार या पांच बजे तक जारी रहा। हमले कई जगह हुए और कुछ जगहों पर उन्हें हमारी तरफ से जवाब भी दिया गया।'

शवों को एंबुलेंस में ले गई फौज

उसने यह भी बताया कि पाकिस्तानी फौज ने हमले में मारे गए अपने जवानों और आतंकियों के शवों को एंबुलेंस में डाला और वहां से चले गए। कइयों को उनके गांवों में दफनाया गया। पाक सैन्य अफसर ताबूतों की गिनती कर रहे थे।

उल्लेखनीय है कि भारत के इस हमले में खासा नुकसान उठाने वाला पाकिस्तान अब तक किसी सर्जिकल स्ट्राइक से इन्कार करता आ रहा है। हालांकि पाकिस्तान गुलाम कश्मीर में सीमा पार से फायरिंग में उसके दो जवान मारे जाने की बात स्वीकार कर चुका है।

इस तरह हुई बातचीत :-

आइजी मुश्ताक (पत्रकार) : दूसरी तरफ के लोग कह रहे हैं कि 30-40 मारे गए?

गुलाम अकबर (पाक अफसर) : सर, वह बहुत ज्यादा तादाद बता रहे हैं। इतना बुरा नहीं हुआ सर। पर उन्होंने (भारत) उस रात सरहद खोल दी थी।

पत्रकार : हां, लेकिन कोई अतमुकाम पहुंचा?

पाक अफसर : नहीं सर, वहां कोई नहीं पहुंचा। लेकिन लीपा में दो (मौतें), अधीरा में दो (मौतें) हुईं।

पत्रकार : तुम्हारे हिसाब से कुल कितने मरे?

पाक अफसर : सर, कुल मिलाकर सर्जिकल स्ट्राइक सेफ ही रही। कुल 12 मौतें हुई हैं।

पत्रकार : एक कैंप में?

पाक अफसर : नहीं सर एक कैंप में नहीं, कुल मिलाकर। सर, एरिया (एलओसी की तरफ) सील कर दिया गया है। इसलिए बहुत कम खबर है।

पत्रकार : सर्जिकल स्ट्राइक में कौन से कैंप निशाना बने?

पाक अफसर : भिंबर में लीपा व असमानी। ये आर्मी पोस्ट हैं।

पत्रकार : तो आर्मी पोस्ट में उन्होंने 12 को मारा?

पाक अफसर : हां सर, कुल 12

पत्रकार : तुम्हारी आवाज साफ नहीं आ रही। क्या फाइल पढ़ दोगे?

पाक अफसर : यस सर, वह पूरी फाइल ला रहा है। उसमें 29 को मारे गए लोगों के नाम हैं।

पत्रकार : कितने भारतीय फौजी हमारे इलाके में आए?

पाक अफसर : सर, वहां जाने की इजाजत किसी को नहीं है। इसलिए कोई जानकारी भी नहीं है। स्थानीय अमला भी कुछ नहीं बता रहा।

पत्रकार : क्या यहां के बाशिंदे भी खत्म हुए और जेहादी?

पाक अफसर : सर यहां का कोई नहीं मरा। पर जेहादी मारे गए।

पत्रकार : उन्होंने (भारतीय सेना) 4-5 जगहों पर हमले किए..20 तक तो मरे होंगे?

पाक अफसर : सर कुछ कहना मुश्किल है। लेकिन वे लश्करियों (जेहादियों) के लांचिंग पैड थे।

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