'वीडियो देखने में दिलचस्पी नहीं', CJP के प्रदर्शन में लाठीचार्ज के मामले में तुरंत सुनवाई से SC का इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा पेपर लीक पर CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ तत्काल सुनवाई से इनकार ...और पढ़ें

प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार।
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार।
दिल्ली पुलिस की छात्र प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का मामला।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा, "समय बर्बाद न करें।"
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। राजनीतिक रंग ले चुके काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई से संबंधित याचिका पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया।
याचिकाकर्ता ने गुरुवार को सुनवाई का आग्रह किया था। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की ओर पुलिस की कथित बर्बरता के वीडियो दिखाए जाने की अपील को भी यह कहते हुए खारिज कर दिया कि कोर्ट का समय बर्बाद न करें।
दरअसल पिछले दो दिनों में आंदोलन का दोनों रूप दिखा है। पहले ही दिन आंदोलनकारियों की ओर से तोड़फोड़ के भी काफी वीडियो आए हैं और पुलिस की ओर से लाठीचार्ज और आंसूगैस छोड़ने के भी।
सोमवार को भीड़ बेकाबू थी और उस दिन सौ से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे और लगभग 60 प्रदर्शनकारी। गंभीर रूप से घायल हुई एक बच्ची को लेकर जरूर चिंता है लेकिन वीडियो दोनों तरह की चल रही है। संभव है कि यह भी कारण रहा हो कि कोर्ट तत्काल इस मामले में शामिल होकर कोई नया रंग नहीं देना चाहता हो।
बुधवार को एक सीजेपी के वकील ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जोयमाल्या बाग्ची और वी. मोहना की पीठ के समक्ष मामले का जिक्र करते हुए जल्दी सुनवाई का अनुरोध किया। वकील ने कहा कि ये मामला विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ कथित तौर पर बर्बरता से जुड़ा है।
वकील ने कहा कि उसके पास पुलिस की बर्बरता से जुड़े वीडियो भी हैं। उसने मामले को कल यानी गुरुवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आग्रह किया। कहा याचिका में तीन मांगे की गई हैं। लेकिन कोर्ट ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने वीडियो भी देखने से इन्कार कर दिया।
सीजेआइ ने कहा कि उन्हें वीडियो में कोई दिलचस्पी नहीं है, उनके पास उसे देखने का समय नहीं है। यानी कोर्ट ने साफ कर दिया कि मेंशनिंग स्टेज पर वो वीडियो फुटेज जांचने की इच्छुक नहीं है। जब वकील ने फिर से वीडियो सबूतों का जिक्र किया तो कोर्ट ने कहा कि हमारा समय बर्बाद न करें, हम कोई वीडियो नहीं देखना चाहते।
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संबंधित मामला सोमवार को सीजेपी के विरोध मार्च दौरान पुलिस कार्रवाई से संबंधित था। मानसून सत्र के पहले दिन काकरोच जनता पार्टी ने संसद तक विरोध मार्च निकाला था। मार्च के दौरान कुछ जगह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं।
ये प्रदर्शन नीट परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर था जिसमें प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प के दौरान पुलिस ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसूगैस का भी इस्तेमाल किया था।