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वंदे मातरम् पर सियासी संग्राम, BJP का आरोप- सोनिया गांधी ने रोकने की कोशिश की; कांग्रेस बोली- खरगे के लिए कुर्सी मांग रही थीं

Updated: Sat, 15 Aug 2026 05:21 PM (IST)

स्वतंत्रता दिवस पर इंदिरा भवन में 'वंदे मातरम्' के पूरे संस्करण पर सोनिया गांधी की कथित आपत्ति को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है।

HighLights

  1. बीजेपी ने सोनिया गांधी पर वंदे मातरम् पर आपत्ति का आरोप लगाया।

  2. कांग्रेस ने आरोपों को खारिज किया।

  3. वंदे मातरम् पर बीजेपी-कांग्रेस के बीच छिड़ी बहस।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूरे देश में आज 15 अगस्त की धूम है। हर घर में, सड़क पर और भवनों में स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। नई दिल्ली के इंदिरा भवन से भी स्वतंत्रता दिवस समारोह की तस्वीरें सामने आईं, लेकिन इसे लेकर सियासत तेज हो गई है।

इंदिरा भवन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, CPP चेयरपर्सन सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने समारोह में हिस्सा लिया, लेकिन इस समारोह की एक क्लिप को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है।

BJP ने सोनिया-राहुल और खरगे पर लगाया आरोप

बीजेपी ने आज 15 अगस्त के मौके पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर पार्टी के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में 'वंदे मातरम्' का पूरा वर्जन गाए जाने पर आपत्ति जताने का आरोप लगाया।

कांग्रेस के कार्यक्रम का वीडियो फुटेज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी एल संतोष ने कहा, 'मां, बेटा और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष 'वंदे मातरम्' का पूरा वर्जन गाए जाने से परेशान दिख रहे हैं। कुछ लोगों की सोच 1947 से पहले और उसके बाद भी कभी नहीं बदलती।'

बीजेपी प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा, 'स्वतंत्रता दिवस पर आज जो दृश्य सामने आया है, वह बेहद शर्मनाक है। भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन के दौरान सोनिया गांधी की आपत्ति और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से यह पूछना कि इसे क्यों बजाया जा रहा था, कांग्रेस पार्टी की सोच को उजागर करता है।'

गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए पूछा, 'क्या यह वही कांग्रेस है जो देश के स्वतंत्रता संग्राम की विरासत का दावा करती है? वंदे मातरम् के प्रति कांग्रेस का रवैया लोगों को पार्टी की आपातकाल वाली सोच की याद दिलाता है। देश की जनता ने इस सोच को नकार दिया है और आगे भी नकारती रहेगी।'

कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को किया खारिज

कांग्रेस ने 'वंदे मातरम' के पूरे वर्जन को गाए जाने से रोकने की किसी भी कोशिश से इनकार किया और कहा कि सोनिया गांधी केवल मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी मांग रही थीं।

इस विवाद के बढ़ने पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, '28 अक्टूबर 1937 को कलकत्ता में महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, जवाहरलाल नेहरू, गोविंद बल्लभ पंत और सी. राजगोपालाचारी की मौजूदगी में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई थी।'

जयराम रमेश ने बताया, 'गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर उन्होंने तय किया कि कांग्रेस के सत्रों में 'वंदे मातरम' के शुरुआती पद गाए जाएंगे। टैगोर ने नेहरू और बोस को सलाह दी थी कि 'वंदे मातरम' के शुरुआती कुछ पैराग्राफ ही इस्तेमाल किए जाएं।'

कांग्रेस महासचिव ने आगे कहा, 'तब से हम हर सत्र में वे पंक्तियां गाते आ रहे हैं, हमारा सेवा दल इसे गाता है, हमारे कार्यकर्ता इसे गाते हैं, इस पर कोई विवाद नहीं है।'

जयराम रमेश ने जोर देकर कहा, 'आज शनिवार को राष्ट्रगीत का पूरा संस्करण गाया गया था, इस पर विवाद का कोई सवाल ही नहीं उठता।'

बीजेपी नेताओं के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता ने साफ तौर पर इन आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि गीत का पूरा संस्करण गाने से रोकने की कोई कोशिश नहीं की गई थी।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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