यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'राहुल का नेतृत्व बचकाना, सियासी दूध के दांत भी नहीं गिरे'
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी का मजाक उड़ाया है। 'सामना' ने लिखा है कि राहुल का नेतृत्व बचकाना है... और उनके सियासी दूध के दांत अभी गिरे नहीं हैं।

नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों में कांग्रेस के विरोध के चलते बर्बाद हुए मानसून सत्र पर शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी की जमकर निंदा की है। 'सामना' ने लिखा है कि राहुल का नेतृत्व बचकाना है... और उनके सियासी दूध के दांत अभी गिरे नहीं हैं।
शिवसेना ने राहुल गंधी को संसद के मानसून सत्र में छिड़ी ललितगेट रार पर घेरा है। सामना ने कहा है कि 'राहुल गांधी आजकल केवल ताव में चिल्लाते हैं, फिर भी उनके सियासी दूध के दांत गिरे नहीं हैं, ये साफ नजर आता है।'
ललित मोदी विवाद का जिक्र करते हुए इसमें लिखा गया है, 'ललित मोदी को मदद करने के लिए सुषमा स्वराज को कितना पैसा मिला, यह बेतरतीब सवाल पूछकर राहुल गांधी ने अपनी जगहंसाई करवा ली है।'
मानसून सत्र में कांग्रेस के विरोध के चलते किस तरह पूरा सत्र बेकार गया इसका जिक्र करते हुए शिवसेना ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है। शिवसेना के मुखपत्र में आगे लिखा है कि संसद का सत्र चलना और कामकाज होना पूरे देश के लिए अहम मुद्दा था, लेकिन ऐसा हो नहीं सका।

