'छात्रों के खिलाफ FIR न करने के वादे पर हम गंभीर', केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने के अपने वादे पर गंभीर है।

जंतर मंतर पर सीजेपी का प्रोटेस्ट। (फाइल फोटो)
HighLights
सरकार छात्रों पर कानूनी कार्रवाई न करने के वादे पर गंभीर।
सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने एफआईआर पर स्थिति स्पष्ट की।
पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों को लेकर दिया गया आश्वासन।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि पेपर लीक को लेकर विरोध करने वाले छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने के अपने वादे पर वह अब भी गंभीर है।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने पिछले महीने अपना विरोध प्रदर्शन इस आश्वासन के बाद खत्म कर दिया था कि जवाबदेही और परीक्षा सुधारों की मांग करने के लिए राजधानी के मुख्य इलाके में जमा हुए हजारों वॉलंटियर्स के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से क्या कहा?
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, "प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बारे में कुछ गलतफहमी या गलत जानकारी थी। मुझे यह कहने के निर्देश मिले हैं कि सरकार छात्रों से किए गए उस वादे को लेकर गंभीर है।"
वकील वृंदा ग्रोवर ने पूछा था सवाल
वकील वृंदा ग्रोवर ने यह जानना चाहा कि क्या प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जाएंगी या रद की जाएंगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह मुद्दा शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़ा है।
उन्होंने कहा, "ये युवा हैं जिनकी जिंदगी अभी बाकी है। एफआईआर रद कराने के लिए भी हमारे पास बिहार, बंगाल, असम, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में एफआईआर हैं। राज्यों के साथ इस मामले को सुलझाने के बाद हम इस कोर्ट में वापस आएंगे।"
इस पर मेहता ने कहा कि इसे चाहे किसी भी कानूनी रूप से मान्य तरीके से किया जाए, सरकार अपने वादे पर कायम है।
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