विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स का प्रस्ताव ठुकराया, घर खरीदारों को राहत नहीं

Published: Tue, 08 Sep 2026 11:12 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया जिसमें एक साल में फ्लैट देने या पैसे ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने घर खरीदारों के लिए पार्श्वनाथ डेवलपर्स का प्रस्ताव ठुकराया

 सुप्रीम कोर्ट ने घर खरीदारों के लिए पार्श्वनाथ डेवलपर्स का प्रस्ताव ठुकराया

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स का प्रस्ताव देरी का पैंतरा बताकर खारिज किया।

  2. कोर्ट ने घर खरीदारों को नया प्रस्ताव देने का निर्देश दिया।

  3. उच्चाधिकार प्राप्त समिति नियुक्त करने की चेतावनी, ₹500 करोड़ जमा करने का सुझाव।

पीटीआई,नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पार्श्वनाथ डेवलपर्स का वह प्रस्ताव खारिज कर दिया जिसमें सैकड़ों परेशान खरीदारों को एक वर्ष में फ्लैट का कब्जा सौंपने या ब्याज सहित पैसे लौटाने की जानकारी दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि यह प्रक्रिया में देरी करने का एक और तरीका लगता है।

सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने चेताया कि जब तक कंपनियों और उनकी सहायक कंपनियों में सभी आवंटियों या घर खरीदारों के दावों को संतुष्ट करने वाला नया प्रस्ताव रिकॉर्ड पर नहीं रखा जाता, तब तक वह सभी जिम्मेदारियां सौंपने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति नियुक्त करने के लिए मजबूर होगी।

घर खरीदारों के दावों में रिफंड, कब्जा मिलने में देरी के लिए मुआवजा और रेरा के आदेशों का पालन नहीं होना शामिल है।

पीठ ने कंपनी को एक और प्रस्ताव दाखिल करने की अनुमति दी, जो लंबे समय से अपने घरों का इंतजार कर रहे खरीदारों को स्वीकार्य हो सकता है।

पीठ ने कहा कि राज्य के अधिकारियों को घर खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए काम करना चाहिए था, लेकिन वे बिल्डर के साथ मिले हुए लग रहे हैं। बिल्डर ने हरियाणा रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी) जैसे अर्ध-न्यायिक मंच के आदेशों का पालन भी नहीं किया।

पीठ ने कंपनी के विरुद्ध दिवालियापन की कार्यवाही में नियुक्त इन्साल्वेंसी रिजोल्यूशन प्रोफेशनल (आईआरपी) की अपील पर विचार करने से भी इनकार कर दिया, जिसमें कहा गया था कि उन्हें घर खरीदारों से 3000 दावे मिले हैं और उन्हें कंपनी के फ्रीज किए गए खातों में से एक के संचालन की इजाजत दी जाए।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, अगर आइआरपी उपयोगी होते और ठीक से काम कर रहे होते, तो लोग हमारे पास नहीं आते। वह अभी उनके विरुद्ध ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते।

पीठ ने कंपनी के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया जिसमें उसने घर खरीदारों को एक वर्ष में घरों का कब्जा सौंपने की बात कही थी। कंपनी के वकील ने कहा कि पार्श्वनाथ ग्रुप को अपनी 24 आवासीय परियोजनाओं के तहत 27 हजार घर बनाने थे, जिनमें से 24 हजार घर बिक चुके हैं और लगभग 3000 घरों का कब्जा दिया जाना बाकी है।

सीजेआई ने कहा, वे पहले ही बहुत नुकसान उठा चुके हैं। आप सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में 500 करोड़ रुपये जमा करें। हम एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति बनाएंगे और फिर देखेंगे।