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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फिर ‘दीदी’ का हुआ बंगाल, ममता की आंधी में ध्वस्त हो गया सारधा, नारदा

By anand rajEdited By:
Updated: Thu, 19 May 2016 05:05 PM (IST)

पश्चिम बंगाल एक बार फिर दीदी का हो गया। ममता की आंधी ऐसी चली कि माकपा राज्य सचिव व विधानसभा में विपक्ष के नेता सूर्यकांत मिश्रा अपनी सीट भी नहीं बचा पाए।

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। सारधा, नारदा, सिंडिकेट से लेकर कई और झंझावात से जुझते हुए ममता बनर्जी को अंतत: ऐतिहासिक रिकार्ड जीत हासिल हुई। इस तरह एक बार फिर बंगाल अब ममता का हुआ, जबकि चौंतीस साल से एकछत्र राज करने वाले वाममोर्चा को कांग्रेेस से हाथ मिलने के बावजूद दूसरी बार भी करारी हार का सामना करना पड़ा।

कयासों, आशंकाओं के बीच ममता की आंधी ऐसी चली कि माकपा राज्य सचिव व विधानसभा में विपक्ष के नेता सूर्यकांत मिश्रा अपनी सीट भी नहीं बचा पाए। ममता की हवा में माकपा-कांग्रेे के कई दिग्गज ऐसे प्रतिद्वंदी प्रत्याशियों के हाथों उड़ गए, जिनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं रही है। तृणमूल कांग्रेस को अकेले इतनी सीटें मिलती दिख रही है कि जिसकी उम्मीद शायद ही तृणमूल नेता को भी होगी।

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ये हैं रूझान

इस तरह कुल 294 सीटों में दोपहर 12 बजे तक के रूझानों के अनुसार तृणमूल अकेले ही 214 सीटें जीतती हुई दिख रही हैं। वहीं इसके विपरीत वाममोर्चा 28 और कांग्रेे को 38 सीटों पर ही संतोष करना पड़ सकता है। वहीं भाजपा ने चौंकने वाले नतीजे दिए हैं और दो दशक बाद पहली बार विधानसभा चुनाव में(2014 के विधानसभा उपचुनाव छोडक़र) भाजपा तीन सीटें जीतती हुई दिख रही है।

वहीं गोरखा जनमुक्ति मोर्चा तीन सीटें जीत रही है। इसके अलावा 4 सीटों पर पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त पार्टियां व निर्दल प्रत्याशी सफल होते दिख रहे हैं। जदयू और राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाजवादी पार्टी का खाता भी नहीं खुला। इस बीच वाममोर्चा के नेताओं ने अपनी हार स्वीकार ली है।

तृणमूूल खेमे में खुशी की लहर

सुबह जैसे ही मतगणना का रूझान आना शुरू हुआ वैसे ही तृणमूल खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। तृणमूल समर्थक बड़े पैमाने पर घरों से निकल हाथों में हरे रंग का अबीर व गुलाल लिए एक दूसरे को लगाते ममता बनर्जी जिन्दाबाद कहते हुए मुख्यमंत्री आवास कालीघाट की ओर बढऩे लगे। वहां पहुंचकर खूब जश्न मनाया।

ममता ने दिया धन्यवाद

दोपहर करीब 12 बजे जीत से उत्साहित लोगों के बीच अपने आवास से ममता बाहर निकलीं और जनता का अभिवादन स्वीकार करते हुए इसे मां, माटी, मानुष की जीत बताते हुए जनता को धन्यवाद दिया। मीडिया को भी धन्यवाद दिया। इस दौरान संवाददाता सम्मेलन को भी संबोधित किया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को शांति बनाए रखने की अपील की।

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पीएम ने दी बधाई

इस बीच सुबह दस बजे के करीब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता बनर्जी को फोन कर उन्हें जीत की बधाई दी। जबकि, माकपा दफ्तर सुनसान पड़ा था। 11 बजे के करीब वामो चेयरमैन विमान बोस समेत अन्य नेता कुछ देर के लिए आए।

27 मई को लेंगी शपथ

खबर है कि शाम में ममता बनर्जी भी राजभवन भी जा सकती हैंं। खबर है कि ममता बनर्जी आगामी 27 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी।

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