विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

स्वच्छता वायु सर्वेक्षण 2026 में लखनऊ ने इंदौर को पछाड़ा, टॉप 5 में MP का जलवा; 21वें स्थान पर दिल्ली

Published: Mon, 07 Sep 2026 02:28 PM (IST)Updated: Mon, 07 Sep 2026 03:44 PM (IST)

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के परिणाम घोषित किए हैं, जिसमें 10 लाख से अधिक ...और पढ़ें

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के नतीजे घोषित (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के नतीजे घोषित (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। हवाओं को साफ करने से जुड़ी पहल को अपनाने में दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में लखनऊ ने इंदौर को पछाड़कर शीर्ष पर जगह बनाई है। जबकि इस पहल में दूसरे स्थान पर इंदौर और तीसरे स्थान पर जबलपुर रहा है। इसके साथ ही इन सभी शहरों की हवाओं में काफी सुधार भी दर्ज किया गया है।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में इंदौर शीर्ष पर था, जबकि लखनऊ 22 वें स्थान पर था। वहीं दूसरे स्थान पर जबलपुर और तीसरे स्थान पर आगरा था। हालांकि इस बार आगरा पांचवें स्थान पर खिसक गया है।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में इस बार नगरीय निकायों के वार्डों को भी शामिल किया गया था, उनमें भी 30 हजार से अधिक आबादी वाले वार्डों में लखनऊ के वार्ड नंबर 70 ने शीर्ष पर जगह बनाई है। बड़े शहरों में दिल्ली 32वें से घटकर 21वें स्थान पर आया है।

luckow

 

वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने स्वच्छ वायु दिवस के मौके पर सोमवार को राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी)में शामिल देश के 130 शहरों में वायु गुणवत्ता में सुधार को लेकर उठाए गए कदमों और पिछले सालों में आए सुधार को लेकर स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 की एक रैंकिंग जारी की है। जिसमें अलग-अलग श्रेणियों में शामिल दस शहरों और उतनी ही संख्या में वार्डों को भी पुरस्कृत किया गया है।

सर्वेक्षण में एनसीएपी में शामिल तीन से दस लाख की आबादी वाले शहरों में इस बार पहले स्थान पर राउरकेला, दूसरे स्थान पर फिरोजाबाद व गुंटूर रहे, जबकि तीसरे स्थान अमरावती रहा है। वहीं तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों में पहले स्थान पर कलिंगा नगर, दूसरे स्थान पर अंगुल और तीसरे स्थान पर तालेचर रहा है। खासबात यह है कि तीनों ही ओडिशा के है।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में वार्डों की श्रेणी में तीस हजार से आबादी वाले वार्डों में पहले स्थान लखनऊ का वार्ड 70 रहा, जबकि दूसरे स्थान पर भोपाल का वार्ड 60 व तीसरे स्थान पर नासिक का वार्ड सात रहा। वहीं दस हजार से तीस हजार की आबादी वाले वार्डों में पहले स्थान पर भुवनेश्वर का वार्ड 30 व 36 रहा, वहीं दूसरे स्थान पर विजयवाड़ा का वार्ड 60 है, जबकि तीसरे स्थान पर प्रयागराज का वार्ड 31 रहा है।

स्वच्छ वायु से जुड़ी पहल को अपनाने वाले दस हजार से कम आबादी वाले शहरों में पहले स्थान पर राउरकेला का वार्ड 13, वहीं दूसरे स्थान पर नलगोंडा का वार्ड 16 और तीसरे स्थान पर नौगांव का वार्ड आठ रहा है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत देश के 130 शहरों पर अब तक केंद्र सरकार ने 16 हजार करोड़ से अधिक राशि खर्च कर चुकी है।

idore

इन मानकों पर शहरों की तैयार की गई रैंकिंग

एनसीएपी में शामिल 130 शहरों का जिन मानकों के आधार पर ये रैंकिंग तैयार की गई, उनमें कचरे को जलने से रोकना, सड़कों से उठने वाली धूल को कम करना, निर्माण कार्य से उठने वाली धूल और कचरे का प्रबंधन, वाहन प्रदूषण में कमी के उपाय, उद्योग से उठने वाले प्रदूषण पर रोकथाम व पीएम-10 के मानकों में बदलाव जैसे बिंदु शामिल किए गए थे।

लखनऊ ने इस आधार पर रैंकिंग में शीर्ष पर बनाई जगह

लखनऊ ने जिस अहम पहल के आधार पर शीर्ष रैंकिंग में जगह बनाई, उनमें घर-घर से कचरा के उठाने और परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल, 97 मैकेनिकल व बैटरी से चलने वाले सड़क की सफाई करने वाले वाहन, 22 सघन शहरी वन तैयार करने,560 किमी खराब सड़कों का निर्माण जैसे पहल शामिल है।

इसके साथ ही पीएम10 के स्तर में भी 2017-18 के मुकाबले 46 प्रतिशत से अधिक सुधार को शामिल किया गया है, वहीं इंदौर ने 39 प्रतिशत और जबलपुर में 28 प्रतिशत सुधार किया है। यह बात अलग है कि लखनऊ में पीएम 10 का औसत स्तर 135, इंदौर का 76 और जबलपुर का 78 है।

किस शहर को कितनी दी गई पुरस्कार राशि

दस लाख से अधिक आबादी शहरों की श्रेणी में पहले स्थान में जगह बनाने वाले शहर को 1.50 करोड़, दूसरे स्थान पर रहने वाले शहर को एक करोड़ व तीसरे स्थान पर रहने वाले शहर को 50 लाख रुपए का पुरस्कार किए गए। वहीं तीन से दस लाख की आबादी वाले शहरों में पहले स्थान पर रहने वाले शहर को 75 लाख रूपए, दूसरे स्थान पर जगह बनाने शहर को 50 लाख व तीसरे नंबर पर रहने वाले शहरों को 25 लाख रुपए दिए गए।

वहीं तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों में पहले स्थान पर शामिल शहर को 37.50 लाख, दूसरे नंबर पर रहने वाले शहर को 25 लाख और तीसरे नंबर पर रहने वाले शहर को 12.50 लाख रुपए दिए गए। वहीं वार्डों की श्रेणी में 30 हजार से अधिक आबादी करने वाले वार्डों की श्रेणी में पहले स्थान पर आने वाले वार्ड को 50 लाख, दूसरे स्थान पर आने वाले वार्ड को 40 लाख व तीसरे स्थान पर आने वाले वार्डों को 30 लाख रुपए का पुरस्कार दिया गया।

कैटेगरी-II, 3 से 10 लाख तक की आबादी वाले शहर

केटेगरी-II, जिसमें 3 से 10 लाख की आबादी वाले शहर हैं, में ओडिशा के राउरकेला ने 198.5 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर फिरोजाबाद और गुंटूर 195 अंकों के साथ रहे। इस केटेगरी में छत्तीसगढ़ के कोरबा ने 186.5 अंकों के साथ 10वां स्थान हासिल किया है। मध्य प्रदेश से ग्वालियर 157 अंकों के साथ 30वें, सागर 178 अंकों के साथ 18वें और उज्जैन 181.5 अंकों के साथ 13वें स्थान पर रहा।

टाप-10 रैंकिंग

टाप-10 रैंकिंग में 15 शहरों ने बनाई जगह
(दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में)
शहर स्कोर रैंकिंग
लखनऊ 198 1
इंदौर 197 2
जबलपुर 195 3
भोपाल 192 4
आगरा 192 4
सूरत 191 5
रायपुर 189 6
थाने 187 7
चंडीगढ़ 187 7
राजकोट 187 7
अहमदाबाद 186 8
विजयवाडा 186 8
गाजियाबाद 184 9
नवीं मुंबई 184 9
नागपुर 183.5 10

WhatsApp Image 2026-09-07 at 14.57.57
WhatsApp Image 2026-09-07 at 14.58.36
WhatsApp Image 2026-09-07 at 14.58.44
WhatsApp Image 2026-09-07 at 14.59.22
WhatsApp Image 2026-09-07 at 14.59.51