यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ram Mandir: अब अयोध्या होगी दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन केंद्र, हर साल 5-10 करोड़ तीर्थयात्री करेंगे रामलला के दर्शन
सोमवार को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही अयोध्या दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन केंद्र बनने जा रहा है। अमेरिकी कंपनी जेफ्फेरिज इक्विटी रिसर्च ...और पढ़ें

HighLights
- मक्का और वेटिकन सिटी से अधिक तीर्थयात्री के अयोध्या आने का अनुमान
- अयोध्या की वजह से भारत के कुल पर्यटन उद्योग को मिलेगा भारी प्रोत्साहन
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सोमवार को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही अयोध्या दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन केंद्र बनने जा रहा है। अमेरिकी कंपनी जेफ्फेरिज इक्विटी रिसर्च ने अपनी ताजा रिपोर्ट में अयोध्या में सालाना 5-10 करोड़ तीर्थयात्री आने का अनुमान लगाया है, जबकि मक्का में सालाना दो करोड़ व वेटिकन सिटी में सालाना 90 लाख तीर्थयात्री आते हैं।
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तिरुपति मंदिर में सालाना 2.5 करोड़ तीर्थयात्री करते हैं दर्शन
इस अनुमान के मुताबिक अयोध्या तीर्थयात्री के आगमन के मामले में घरेलू आध्यात्मिक केंद्र को भी पीछे छोड़ने जा रहा है। क्योंकि आंध्र प्रदेश स्थित तिरुपति में सालाना 2.5 करोड़, जम्मू स्थित माता वैष्णव देवी के दर्शन करने सालाना 80 लाख तीर्थयात्री आते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर की अच्छी सुविधा की वजह से अयोध्या बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों को आकर्षित कर सकेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर किया जाएगा 850 अरब रुपए का खर्चः रिपोर्ट
रिपोर्ट के मुताबिक, अयोध्या में मंदिर निर्माण से लेकर अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर 850 अरब रुपए खर्च किया जाना है। इनमें लगभग 18 अरब रुपए राम मंदिर के निर्माण पर खर्च किए गए हैं। 14.5 अरब रुपए लगाकर अयोध्या एयरपोर्ट के पहले चरण का काम पूरा किया गया और इस प्रकार के तीन और टर्मिनल का निर्माण किया जाना है। अभी सालाना 10 लाख तो दूसरे चरण का काम पूरा होने के बाद सालाना 60 लाख यात्री अयोध्या हवाई जहाज से आसानी से आ-जा सकेंगे।
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2.4 अरब रुपए के निवेश से हो रहा रेलवे स्टेशन का कायाकल्प
2.4 अरब रुपए के निवेश से रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। 1200 एकड़ में 22 अरब की लागत से ग्रीनफील्ड टाउनशिप का निर्माण प्रस्तावित है। अयोध्या की तरह दुनिया के अन्य तीर्थस्थलों के पास इतने बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था नहीं है। भारत के कई तीर्थस्थानों के पास इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा नहीं होने के बावजूद सालाना 10-30 लाख तीर्थयात्री पहुंच जाते हैं। इन सबके अलावा अयोध्या में 73 नए होटल का निर्माण पाइपलाइन में है। आईएचसीएल, मैरियट इंटरनेशनल होटल की चेन निर्माण के लिए करार भी कर चुकी है। आईटीसी भी संभावना तलाश रही है तो ओयो 1000 कमरे अपनी चेन में जोड़ने जा रही है।
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कई एयरलाइन कंपनियां कर चुकी हैं फ्लाइट की घोषणा
इंडिगो दिल्ली, अहमदाबाद व मुंबई से अयोध्या के लिए फ्लाइट की घोषणा कर चुकी है। एयर इंडिया, स्पाइसजेट व अन्य एयरलाइंस भी विभिन्न शहरों से अयोध्या के लिए फ्लाइट चलाने जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए बर्गर किंग, क्यूएसआर चेन, देवयानी इंटरनेशनल व जुबिलियंट फूड्स जैसी चेन अयोध्या में अपना संचालन शुरू कर चुकी है या फिर करने वाली है।
जीडीपी बढ़ाने में मिलेगी मदद
रिपोर्ट के मुताबिक अयोध्या में पर्यटकों की संख्या बढ़ने से भारत के कुल पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा और भविष्य में इससे हमारे जीडीपी को बढ़ाने में मदद मिलेगी। अभी देश के जीडीपी में पर्यटन की हिस्सेदारी 6.8 प्रतिशत है जबकि चीन, अमेरिका व अन्य विकसित देशों के जीडीपी में पर्यटन की हिस्सेदारी आठ प्रतिशत से अधिक की है।