विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

एक तरफ पुतिन, दूसरी तरफ चिनफिंग और बीच में पीएम मोदी... BRICS समिट के दूसरे दिन सामने आई फैमिली फोटो

Published: Sun, 13 Sep 2026 12:00 PM (IST)

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी, पुतिन और चिनफिंग सहित अन्य नेताओं ने मध्य पूर्व में शांति का आह्वान करते हुए संयुक्त बयान जारी किया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वे आए, उन्होंने बातचीत की और फिर ब्रिक्स (BRICS) की एक बड़ी सी फैमिली फोटो सामने आई। समिट के दूसरे दिन जब कैमरे तस्वीरें ले रहे थे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीच में थे और उनके अगल-बगल रूस, चीन और दुनिया के दूसरे नेता मौजूद थे।

भारत, रूस, चीन और ईरान सहित 11 देशों के ब्रिक्स समूह के सदस्यों ने शनिवार को नई दिल्ली में एक संयुक्त बयान जारी कर पहले के मतभेदों को दूर करते हुए मिडिल ईस्ट में शांति का आह्वान किया।

चीन के राष्ट्रपति ने क्या कहा?

भारत की राजधानी में रूस, ईरान, भारत और अन्य देशों के नेताओं के साथ शामिल हुए चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने समिट में कहा कि मिडिल ईस्ट का युद्ध अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के अनुरूप नहीं है।

भारत की जबरदस्त कूटनीति

मई में नई दिल्ली में हुई बैठक में ब्रिक्स (BRICS) देशों के विदेश मंत्री किसी साझा बयान पर सहमत नहीं हो पाए थे, क्योंकि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों से शुरू हुई जंग को लेकर ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के बीच मतभेद थे लेकिन मेजबान भारत की जबरदस्त कूटनीतिक कोशिशों के बाद नेताओं ने शनिवार को एक बयान जारी किया।

संयुक्त बयान में कहा गया, "हम मिडिल ईस्ट/पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं।" साथ ही देशों ने अधिकतम संयम बरतने और ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचने का आह्वान किया है जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।

पीएम मोदी ने क्या कहा?

पीएम मोदी ने इस अहम सहमति की घोषणा करते हुए कहा, "किसी भी सदस्य ने कोई आपत्ति नहीं जताई है। नई दिल्ली घोषणापत्र 2026 को सर्वसम्मति से अपनाया गया है।" वैश्विक सुरक्षा हालात पर बात करते हुए घोषणापत्र में आतंकवाद की सभी तरह की गतिविधियों की कड़ी निंदा की गई, जिसमें सीमा-पार आतंकवादी गतिविधियां, आतंकवाद के लिए फंड जुटाने वाले नेटवर्क और आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकाने शामिल हैं।

इन प्रतिबद्धताओं को दोहराते हुए दस्तावेज में कहा गया, "हम आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों से निपटने की अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराते हैं, जिसमें आतंकवादियों की सीमा-पार आवाजाही, आतंकवाद के लिए फंडिंग और सुरक्षित ठिकाने शामिल हैं।"

यह भी पढ़ें: पीएम मोदी के BRICS गाला डिनर में शामिल नहीं हुए शी चिनफिंग, क्या रही वजह?