यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 06, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मोदी की भाजपा सांसदों को हिदायत, पैर छूकर चापलूसी करने से बचें
चाटुकारिता और चरणवंदना की संस्कृति नई भाजपा व नरेंद्र मोदी सरकार में स्वीकार्य नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा संसदीय दल की पहली बैठक में ...और पढ़ें

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। चाटुकारिता और चरणवंदना की संस्कृति नई भाजपा व नरेंद्र मोदी सरकार में स्वीकार्य नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा संसदीय दल की पहली बैठक में ही दो टूक कह दिया कि बड़े नेता के पांव छूने और आत्ममुग्ध होने के बजाय पार्टी के सांसद सदन में पूरी तैयारी के साथ आएं। वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और अरुण जेटली भी प्रधानमंत्री के साथ मंच पर मौजूद रहे।
मोदी का पूरा जोर संसद में सदस्यों की उपस्थिति और अपने विषय पर पूरी तैयारी के साथ कार्यवाही में भाग लेने पर था। मेहनत से किसी भी तरह का समझौता न करने का संदेश देते हुए मोदी ने सबको ताकीद किया कि उनके समेत किसी भी अन्य वरिष्ठ नेता के पैर छूने से बचें। साथ ही कहा कि वे जमीनी स्तर पर जुड़े रहें और पार्टी के प्रदर्शन पर किसी आत्मसंतोष का ग्रहण नहीं लगने दें। उन्होंने सांसदों पर सरकार के कार्यक्रम जमीनी स्तर पर ले जाने की जिम्मेदारी डाली। उन्होंने कहा कि भाजपा अब विपक्ष में नहीं है। जमीनी स्तर पर सरकार का संदेश ले जाने और कार्यक्रमों को सामने रखने की जिम्मेदारी भाजपा सांसदों पर ही है।
संसद के सेंट्रल हॉल में करीब 20 मिनट के अपने संबोधन में संसदीय व्यवस्था में भागीदारी बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा योगदान देने पर जोर दिया। उन्होंने सांसदों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में मदद करने और संसद की गरिमा कायम रखते हुए सभी सत्रों में पूरी तरह से उपस्थित रहने की अपील की। इतना ही नहीं उन्होंने खुद भी पहली बार संसद में चुने जाने और सीखने की बात कहकर यह संदेश भी दे दिया कि किसी को सब पता है जैसे मुगालते में नहीं रहना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री ने सांसदों से यह भी कहा कि वे पार्टी के प्रवक्ता की तरह नहीं, बल्कि अपने संसदीय क्षेत्र के मुद्दे मीडिया के सामने उठाएं। संसद की चर्चाओं में शामिल होने से पहले जानकारी के साथ आएं और अपना होमवर्क ठीक से करें। चर्चाओं के दौरान उपस्थित रहने से सांसदों को विभिन्न मुद्दों पर सीखने को मिलेगा।
लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि सिर्फ दो सांसदों से शुरू हुई भाजपा अब 2014 के लोकसभा चुनावों में 282 सदस्यों की मजबूत ताकत बन चुकी है और पार्टी के पास अपने दम पर बहुमत है। भाजपा अध्यक्ष व गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पार्टी के नए सांसदों का स्वागत करते हुए कहा कि वे भविष्य में भी पार्टी की सफलता के लिए कड़ी मेहनत करें और आम आदमी की भलाई के लिए काम करें।
