यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Parliament : कनिष्क हमले के पीड़ितों को संसद ने दी श्रद्धांजलि, ओम बिरला ने कहा ऐसे आंतकी कृत्यों को कभी भी माफ नहीं किया जा सकता
एअर इंडिया के कनिष्क विमान में 39 साल पहले हुए बम विस्फोट में जान गंवाने वाले लोगों को संसद ने सोमवार को श्रद्धांजलि दी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कह ...और पढ़ें

आइएएनएस, नई दिल्ली। एअर इंडिया के कनिष्क विमान में 39 साल पहले हुए बम विस्फोट में जान गंवाने वाले लोगों को संसद ने सोमवार को श्रद्धांजलि दी। संसद के दोनों सदनों ने कनिष्क आतंकी हमले के पीडि़तों की याद में मौन रखा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि दुनिया को आतंकवाद और उग्रवाद के प्रति शून्य-सहिष्णुता द़ष्टिकोण क्यों अपनाना चाहिए। ऐसे कृत्यों को कभी भी माफ नहीं किया जा सकता या उचित नहीं ठहराया जा सकता।
राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा, अफसोस की बात है कि कनिष्क हमले के पीडि़तों को कभी भी न्याय पूरी तरह से नहीं मिल पाया।23 जून 1985 को कनाडा के 280 नागरिकों सहित 329 निर्दोष लोगों को जान गंवाना पड़ा था, जब एअर इंडिया की फ्लाइट एआइ-182 में लगाया गया बम उड़ान के दौरान फट गया था।
बम विस्फोट से विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इनमें अधिकतर भारतवंशी थे। संसद ने 12 जून, 2024 को हुई कुवैत अग्नि त्रासदी के पीडि़तों के प्रति भी संवेदना जताई।
इस दुर्घटना में भारतीयों समेत कई लोगों को जान गंवानी पड़ी थी, वहीं कई अन्य घायल हो गए थे। सांसदों ने ईरान राष्ट्रपति सैय्यद इब्राहिम रईसी, ईरान के विदेश मंत्री एच. अमीर-अब्दुल्लाहियन, तंजानिया के पूर्व राष्ट्रपति अली हसन मविनी, मलावी के उपराष्ट्रपति सौलोस क्लास चिलिमा को भी श्रद्धांजलि दी।

