अपनी रणनीति में जुटी सरकार, विपक्ष विरोध पर अड़ा... मानसून सत्र के आखिरी तीन दिन में क्या होगा?
संसद में गतिरोध अमित शाह के जंतर-मंतर मामले पर चर्चा के प्रस्ताव के बावजूद जारी है, अब कांग्रेस राम मंदिर चंदा चोरी पर बहस की मांग कर रही है। ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नीलू रंजन, जागरण। नई दिल्ली। जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ज्यादती के मामले में गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह के बोलने और चर्चा के लिए तैयार होने के बाद भी संसद में जारी गतिरोध नहीं टूट सका। अभी तक अमित शाह के सदन के भीतर आने और पुलिस ज्यादती पर जवाब देने की मांग कर रही कांग्रेस अब अयोध्या के राम मंदिर में हुए चंदा चोरी पर चर्चा को लेकर अड़ गई है।
विपक्ष के बदलते गोलपोस्ट को देखते हुए सरकार मानसून सत्र के बाकी बचे तीन दिनों के साथ ही विदेशी अनुदान विनियमन कानून (एफसीआरए) से जुड़े संशोधन विधेयक और महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लेकर नए सिरे रणनीति बनाने में जुट गई है।
परिसीमन पर क्या होगा?
इस सिलसिले में अमित शाह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बीच लंबी बैठक हुई। बैठक में संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजीजू और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद थे। हालांकि सरकारी सूत्रों का का दावा है कि परिसीमन पर जरूरी 360 के मुकाबले अब 366 का अंकगणित पूरा हो गया है। लेकिन बिल लाने पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ।
मानसून सत्र के तीन हफ्ते हंगामे की भेंट चढ़ने के बाद बाकी बचे चार दिनों में संसद को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार की ओर से गंभीर पहल हुई। पिछले हफ्ते एफसीआरए और महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े विधेयक पर राहुल गांधी से बातचीत के बाद भी गतिरोध तोड़ने में विफल रही सरकार ने लोकसभा की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक की सूची से इन दोनों से संबंधित विधेयक को बाहर रखा।
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राम मंदिर पर चर्चा की मांग
किरेन रिजीजू ने अमित शाह के जंतर मंतर प्रदर्शन मामले में बोलने पर और सरकार की पूरी तरह से चर्चा के लिए तैयार होने का प्रस्ताव रखते हुए विपक्ष से संसद चलने देने की अपील की। लेकिन कांग्रेस की ओर मौजूद उपनेता प्रतिपक्ष गौरव गोगोई ने इसके साथ ही राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर भी चर्चा की मांग की।
इस पर रिजीजू ने कहा कि चढ़ावा चोरी का मुद्दा तो सपा का है, कांग्रेस की मांग पुलिस ज्यादती पर अमित शाह के बोलने की थी, जिसे हम पूरा करने कर रहे हैं। लेकिन गौरव गोगोई ने सरकार पर कांग्रेस और सपा में फूट डालने का आरोप लगाते हुए राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा को लेकर अड़ गए।
गृहमंत्री के जवाब के समय डरना नहीं है: रिजीजू
बैठक में ओम बिरला की सदन चलाने की मार्मिक अपील का भी कोई असर नहीं हुआ। बैठक के बाद किरेन रिजीजू ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि जंतर मंतर प्रदर्शन के दौरान हुए हिंसा पर हम 'पूरा चर्चा के लिए तैयार हैं, जवाब देने के लिए तैयार हैं।' विपक्ष को चर्चा में हिस्सा लेने की चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि 'गृहमंत्री के जवाब के समय डरना नहीं है, भागना नहीं है। पूरा सुनना पड़ेगा।'
संसद में जारी गतिरोध की असली वजह महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लेकर सरकार और कांग्रेस के बीच चल रहा शह-मात का खेल भी है। कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार ओम बिरला ने प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ बैठक में एफसीआरए संशोधन विधेयक को संसद की स्थायी समिति या संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में भेजने का प्रस्ताव भी दिया था। लेकिन कांग्रेस पूरे संशोधन विधेयक की मांग रखते हुए इससे ठुकरा दिया।
360 सांसद के समर्थन की जरूरत
सरकार के उच्च पदस्थ सूत्र ने विधेयक के पक्ष में लोकसभा में 366 सांसद जुटा लेने का दावा किया। जबकि मौजूदा 540 सांसद में दो-तिहाई बहुमत के लिए 360 सांसद के समर्थन की जरूरत है।
मतदान के समय कुछ सांसदों के अनुपस्थित रहने की स्थिति में दो-तिहाई यह संख्या कम भी हो सकती है। विपक्ष को आशंका है कि भले सरकार खुल कर नहीं बोल रही हो, लेकिन अमित शाह के बयान के साथ गतिरोध तोड़कर सरकार परिसीमन वाला विधेयक पास कराने की कोशिश करेगी।
दूसरी ओर कांग्रेस के बदलते गोलपोस्ट को देखते हुए सरकार नए सिरे से रणनीति बनाने में जुट गई है। इसके लिए सरकार ने सभी विकल्पों को खुला रखा है। जिनमें बाकी बचे तीन दिनों में विधेयक पास कराने से लेकर मौजूदा सत्र को आगे बढ़ाने से लेकर विशेष सत्र बुलाने तक शामिल है।