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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गुलाम कश्मीर के बाद अब देश के भीतर 'सर्जिकल स्ट्राइक'

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Mon, 03 Oct 2016 10:47 PM (IST)

इस्लामिक स्टेट (आइएस) और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के स्लीपर सेल के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है।

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली : गुलाम कश्मीर में पाकिस्तान के आधा दर्जन से ज्यादा आतंकी ठिकाने नष्ट करने के बाद भारत के निशाने पर अब घर में घुसे आतंकी हैं। पिछले दो दिनों से देश के कई हिस्सों में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के स्लीपर सेल के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का ही नतीजा है कि केरल में आइएस के छह आतंकियों का गिरोह पकड़ा गया। ये आतंकी त्योहारी सीजन के दौरान भारत में आतंक फैलाने की तैयारी में थे।

सूत्रों के मुताबिक केरल के साथ ही जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना और पंजाब में भी सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी संगठनों के संपर्क में रहने वाले कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। सबसे अहम गिरफ्तारी केरल में हुई है। जहां राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने जिन छह आतंकियों को गिरफ्तार किया है उनका मॉड्यूल बहुत ही खतरनाक इरादे रखता है। उसकी तुलना हाल में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में किए गए हमले से की जा रही है। वे दीवाली के आस-पास दक्षिण भारत में खौफ फैलाने की योजना बना रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों की नजर इन लोगों पर पिछले दो महीनों से थी। उनके खिलाफ पुख्ता सुबूत इकठ्ठा होने के बाद ही गिरफ्तारी की गई।

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सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत में आतंकी हमले की आशंका बढ़ी है। इसके पीछे वजह यह भी है कि पाकिस्तान की एजेंसियां भारत में जल्द से जल्द हमला करने की ताक में हैं। जम्मू-कश्मीर के बारामूला में रविवार को राष्ट्रीय राइफल्स के मुख्यालय पर हमले को भी वहां के एक स्लीपर सेल की कारस्तानी माना जा रहा है। जम्मू-कश्मीर व पंजाब में ऐसे और हमले होने की आशंका है।

राज्यों के संपर्क में गृह मंत्रालय

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बात की थी और उन्हें अपनी सुरक्षा व्यवस्था को चौकस करने का सुझाव दिया था। गृह मंत्रालय के अधिकारी अब भी कई राज्यों के अधिकारियों के संपर्क में हैं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सूचनाओं का आदान-प्रदान हो रहा है।

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