यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 25, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बहुत ही शुभ योग में होगा नमो का राज्याभिषेक
वाराणसी [राकेश पाण्डेय]। यायीजय योग को अति शुभ योग माना जाता है। इसी योग में मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पद की शपथ लेने जा रहे और संभालेंगे देश क ...और पढ़ें

वाराणसी [राकेश पाण्डेय]। यायीजय योग को अति शुभ योग माना जाता है। इसी योग में मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पद की शपथ लेने जा रहे और संभालेंगे देश की सत्ता। यह योग बन रहा है तुला लग्न, मेष राशि और भरणी नक्षत्र में। चार चांद लगाने वाली बात यह होगी कि शपथ ग्रहण सोमवार को हो रहा है जो कि मोदी का लकी डे है। वजह यह कि उनका भाग्येश चंद्रमा है।
सनातनी परंपरा में मुहूर्त का सर्वाधिक महत्व है। मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी 26 मई सोमवार को शाम छह बजे शपथ ग्रहण करेंगे। ज्योतिषीय गणना के आधार पर सायं छह बजे तुला लग्न मेष राशि, भरणी नक्षत्र का संयोग है। सबसे अहम बात यह है कि सोमवार को तीसरे पहर 4.37 से रात 11.27 बजे तक यायीजय योग बन रहा है। यह योग अपने आप में शपथ ग्रहण के लिए महायोग है।
ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी बताते हैं कि मोदी की कुंडली में भाग्येश चंद्रमा जिसने उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया, सौभाग्यत: सोमवार का दिन इस महायोग में चार चांद लगा रहा है। इस तिथि को ज्येष्ठ कृष्ण त्रयोदशी है। विशेषत: तुला लग्न में शनि व राहु की युति बृहस्पति तथा शुक्र की लग्न पर दृष्टि, यह योग स्पष्ट कर देती है कि प्रधानमंत्री की कार्यशैली न्यायप्रिय, ईमानदार व राष्ट्र को सशक्त बनाने वाली होगी। इससे विदेशों में भारत का प्रभुत्व, विश्व पटल पर परचम लहराने वाला तथा विदेश नीति, कूटनीति और सैन्य क्षमता में मजबूती, आत्मनिर्णय असाधारण प्रकृति का तथा आम जनमानस को संतुष्टि व सभी पहलुओं पर अच्छी विचारधारा का संकेत देती है। यह योग भारत की संप्रभुता और अखंडता को बली बनाएगा। यहीं पर व्यय भाव का मंगल स्वास्थ्य व विरोधियों से कुछ समस्याएं भी ले आएगा फलत: विरोधियों का पराभव करने वाला होगा।
सूर्य, चंद्र, मंगल और बृहस्पति का मेल :
ज्योतिष का एक सिद्धांत है कि कोई भी राजयोग बिना सूर्य व चंद्र के क्रियान्वित नहीं होता। नमो की वृश्चिक लग्न व वृश्चिक राशि की कुंडली में चार बड़े ग्रह सूर्य, चंद्र, मंगल व बृहस्पति हैं। अब देखें इससे पहले नरेंद्र मोदी के लिए गए शपथ के वारों को तो गुजरात में पहली बार उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली जिस दिन रविवार था। इसके बाद 22 दिसंबर 2002 व 23 दिसंबर 2007 को भी शपथ रविवार के दिन ली गई। 20 दिसंबर 2012 को बतौर सीएम नमो ने गुरुवार को शपथ ग्रहण ली। ..और अब सोमवार।

