Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    मानसून सत्र: पुलिस ज्यादती पर बोलने को तैयार हुए शाह, अब चढ़ावा चोरी पर बयान को लेकर अड़ी कांग्रेस

    By Niloo RanjanEdited By: Deepak Gupta
    Updated: Mon, 10 Aug 2026 11:06 PM (IST)

    जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ज्यादती के मामले में गृह मंत्री अमित शाह के बोलने को तैयार होने के बाद भी संसद में गतिरोध जारी है। ...और पढ़ें

    पुलिस ज्यादती पर बोलने को तैयार हुए शाह। (संसद टीवी)

    पुलिस ज्यादती पर बोलने को तैयार हुए शाह। (संसद टीवी)

    HighLights

    1. अमित शाह जंतर-मंतर पुलिस ज्यादती पर चर्चा को तैयार।

    2. कांग्रेस अब राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा चाहती है।

    3. सरकार महत्वपूर्ण विधेयकों पर नई रणनीति बना रही है।

    नीलू रंजन, नई दिल्ली। जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ज्यादती के मामले में गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के बोलने और चर्चा के लिए तैयार होने के बाद भी संसद में जारी गतिरोध नहीं टूट सका। अभी तक शाह के सदन में आने और पुलिस ज्यादती पर जवाब की मांग कर रही कांग्रेस अब अयोध्या के राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी पर चर्चा को लेकर अड़ गई है।

    विपक्ष के बदलते गोलपोस्ट को देखते हुए सरकार मानसून सत्र के बाकी तीन दिनों में विदेशी अनुदान विनियमन कानून (एफसीआरए) से जुड़े संशोधन विधेयक और महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लेकर नए सिरे रणनीति बनाने में जुट गई है।

    अमित शाह ने स्पीकर ओम बिरला के साथ की बैठक

    इस सिलसिले में शाह और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के बीच लंबी बैठक हुई। इसमें संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद थे। हालांकि सरकारी सूत्रों का दावा है कि परिसीमन पर जरूरी 360 के मुकाबले अब 366 का अंकगणित पूरा हो गया है, लेकिन विधेयक लाने पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

    मानसून सत्र के तीन हफ्ते हंगामे की भेंट चढ़ने के बाद बाकी चार दिनों में संसद को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार की ओर से गंभीर पहल हुई। पिछले हफ्ते एफसीआरए और महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े विधेयक पर राहुल गांधी से बातचीत के बाद भी गतिरोध तोड़ने में विफल रही सरकार ने लोकसभा की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक की सूची से इन दोनों से संबंधित विधेयक को बाहर रखा।

    खबरें और भी

    चढ़ावा चोरी चर्चा को लेकर अड़ी कांग्रेस

    रिजिजू ने शाह के जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में बोलने और चर्चा के लिए तैयार होने का प्रस्ताव रखते हुए विपक्ष से संसद चलने देने की अपील की। लेकिन सदन में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर भी चर्चा की मांग कर दी।

    इस पर रिजिजू ने कहा कि यह मुद्दा तो सपा का है, कांग्रेस की मांग पुलिस ज्यादती पर शाह के बोलने की थी, जिसे सरकार पूरा करने जा रही है। लेकिन गोगोई, सरकार पर कांग्रेस और सपा में फूट डालने का आरोप लगाते हुए चढ़ावा चोरी पर चर्चा को लेकर अड़ गए।

    स्पीकर की सदन चलाने का भी कोई असर नहीं

    बैठक में स्पीकर की सदन चलाने की मार्मिक अपील का भी कोई असर नहीं हुआ। बैठक के बाद रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पर हम "पूरी चर्चा के लिए तैयार हैं, जवाब देने के लिए तैयार हैं।" विपक्ष को चर्चा में हिस्सा लेने की चुनौती देते हुए उन्होंने कहा, "गृह मंत्री के जवाब के समय डरना नहीं है, भागना नहीं है। पूरा सुनना पड़ेगा।"

    परिसीमन पर सरकार और विपक्ष के बीच शह-मात का खेल

    संसद में जारी गतिरोध की असली वजह महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लेकर सरकार और कांग्रेस के बीच चल रहा शह-मात का खेल भी है।

    कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, बिरला ने प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ बैठक में एफसीआरए संशोधन विधेयक को संसद की स्थायी समिति या संयुक्त संसदीय समिति में भेजने का प्रस्ताव भी दिया था। लेकिन कांग्रेस ने पूरे संशोधन विधेयक की मांग रखते हुए इससे ठुकरा दिया।

    परिसीमन विधेयक पर लोकसभा में 366 सांसद जुटा लेने का दावा

    सरकार के उच्च पदस्थ सूत्र ने विधेयक के पक्ष में लोकसभा में 366 सांसद जुटा लेने का दावा किया। जबकि मौजूदा 540 सदस्यीय संसद में दो-तिहाई बहुमत के लिए 360 सदस्यों के समर्थन की जरूरत है। मतदान के समय कुछ सांसदों की अनुपस्थिति से यह संख्या कम भी हो सकती है।

    विपक्ष को आशंका है कि भले सरकार खुलकर नहीं बोल रही है, लेकिन शाह के बयान के साथ गतिरोध तोड़कर सरकार परिसीमन विधेयक पारित कराने की कोशिश करेगी। दूसरी ओर सरकार अब नए सिरे से रणनीति बनाने में जुट गई है। इसमें बाकी बचे तीन दिनों में विधेयक पारित कराने और सत्र आगे बढ़ाने से लेकर विशेष सत्र बुलाने तक का विकल्प शामिल है।