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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चीन के विस्तारवाद पर तंज यूं ही नहीं कसा

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Updated: Wed, 03 Sep 2014 12:07 AM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के विस्तारवाद पर तंज यूं ही नहीं कसा। भारत के साथ लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भी चीनी दबंगई के नमूने अक्सर सामने आत ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, प्रणय उपाध्याय। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के विस्तारवाद पर तंज यूं ही नहीं कसा। भारत के साथ लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भी चीनी दबंगई के नमूने अक्सर सामने आते रहते हैं। ताजा मामला अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकोंके एक भारतीय नागरिक को बंधक बनाए जाने का है। जुलाई में चीनी सैनिकों ने कथित तौर पर सुरक्षा बलों के लिए रसद आपूर्ति करने वाले तीन पोर्टरों को पकड़ लिया था और उनमें से एक को 24 घंटे बंधक भी बनाए रखा।

अरुणाचल प्रदेश में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ताई तागेक का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश के ताफलागाम इलाके में 9 से 12 जुलाई के बीच गश्त पर आए करीब 50 चीनी सैनिकों ने रसद आपूर्ति करने वाले पोर्टरों को पकड़ लिया था। तागेक के अनुसार, इनमें से एक सेपेलम बेलाई को 24 घंटे तक पकड़कर रखा। हालांकि इस मामले पर पूछे जाने पर आइटीबीपी व सेना के अधिकारी ऐसी किसी घटना से इनकार कर रहे हैं। इस बीच, तागेक जोर देते हैं कि अरुणाचल प्रदेश के सीमांत इलाकों में सड़क व संचार की ढांचागत सुविधाओं की कमी के कारण कई बार इस तरह की घटनाओं को अहमियत नहीं मिल पाती। महत्वपूर्ण है कि यह घटना ऐसे वक्त हुई है जब हाल ही में चीन ने अपनी सेनाओं को गश्त के लिए नए नक्शे दिए हैं, जिनमें अरुणाचल को चीन का हिस्सा बताया गया है। बीते साल भी ताफलागाम से करीब 9 किमी दूर चागलागाम में चीनी सैनिक दो दिन तक भारतीय हद में जमे रहे थे। बीते कुछ समय में लद्दाख से लेकर पूर्वोत्तर तक भारत और चीन के बीच साढे़ चार हजार किमी की वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की दखलंदाजी बढ़ी है। गत वर्ष अप्रैल में ही लद्दाख के देपसांग इलाके में तंबू लगाकर जमे चीनी सैनिकों को हटाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।

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