Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    पीएम मोदी से माफी मांगें मार्क जुकरबर्ग, नहीं तो... निशिकांत दुबे ने Meta CEO को दी चेतावनी

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 09:12 AM (GMT+05:30)

    संसदीय समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग से पीएम मोदी की रील हटाने के लिए माफी मांगने को कहा है। ...और पढ़ें

    निशिकांत दुबे ने मार्क जुकरबर्ग को पीएम मोदी से माफी मांगने के लिए कहा (फोटो-पीटीआई)

    निशिकांत दुबे ने मार्क जुकरबर्ग को पीएम मोदी से माफी मांगने के लिए कहा (फोटो-पीटीआई)

    HighLights

    1. पीएम मोदी की रील हटाने पर संसदीय समिति ने जताई आपत्ति।

    2. निशिकांत दुबे ने मार्क जुकरबर्ग से सार्वजनिक माफी की मांग की।

    3. माफी न मांगने पर मेटा की 'सेफ हार्बर' सुरक्षा खतरे में।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रील को कुछ समय के लिए सोशल मीडिया से हटाने का मामला सामने आया था। ऐसा करने के लिए भारत सरकार ने मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग को पीएम मोदी से माफी मांगने के लिए कहा है।

    कम्युनिकेशन और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी पर बनी संसदीय स्थायी समिति के चेयरमैन निशिकांत दुबे ने सोमवार को कहा कि मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक रील को कुछ समय के लिए हटाने के लिए माफी मांगनी चाहिए।

    Meta पर सेफ हार्बर सुरक्षा खोने का खतरा

    निशिकांत दुबे ने मार्क जुकरबर्ग को चेतावनी दी, अगर वे माफी नहीं मांगेंगे तो Meta इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) एक्ट की धारा 79 के तहत इंटरमीडियरी (मध्यस्थों) को मिलने वाली 'सेफ हार्बर' सुरक्षा खो सकती है।

    निशिकांत दुबे ने यह बात एक बैठक के दौरान कही, जिसमें मेटा, गूगल, यूट्यूब, X और स्नैपचैट के सीनियर अधिकारियों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय (MeitY) और गृह मंत्रालय (MHA) के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

    मार्क जुकरबर्ग को माफी मांगनी चाहिए- निशिकांत दुबे

    लोकसभा सदस्य निशिकांत दुबे ने पत्रकारों से कहा, 'मेटा की सोच देश को अस्थिर करने की है। PM मोदी का वीडियो रात 12.30 बजे से सुबह 5 बजे तक हटा दिया गया था। यह बहुत गंभीर मामला है।'

    खबरें और भी

    दुबे ने आगे कहा, 'हमारी समिति ने दो बातें कही हैं — मार्क जुकरबर्ग को माफी मांगनी होगी, वरना हम धारा 79 के तहत मेटा को दी गई सेफ हार्बर सुरक्षा वापस ले लेंगे।'

    प्रधानमंत्री मोदी की ये रील 23 जुलाई को अपलोड की गई थी। इस रील में NEET-UG पेपर लीक को लेकर देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर बात की गई थी और कई उपायों की घोषणा की गई थी।

    इस रील में एक प्रस्तावित कानून के बारे में भी जानकारी दी गई थी, जिसके तहत परीक्षा पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त सजा देने के प्रविधान की बात कही गई।

    Meta ने मांगी माफी

    बैठक में मौजूद सांसदों के मुताबिक, मेटा ने एल्गोरिदम की गलती बताते हुए माफी मांगी। एक सांसद ने बताया, 'मेटा के एक अधिकारी ने PM मोदी का वीडियो फेसबुक से हटाने के लिए माफी मांगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि अगली बार ऐसा नहीं होगा और मेटा अपने एल्गोरिदम में सुधार करेगा।'

    हालांकि मेटा की तरफ से इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। विपक्ष के सांसदों ने मेटा के 'सेफ हार्बर प्रोटेक्शन' को हटाने के किसी भी कदम का विरोध किया।

    बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट (CSAM), डीपफेक और साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए कड़े नियमों का समर्थन करते हुए, उन्होंने तर्क दिया कि सरकार की आलोचना को देश-विरोधी कंटेंट नहीं माना जाना चाहिए।

    यह भी पढ़ें- PM मोदी को अपशब्द और फिर माफी, क्या दोनों Video में अलग-अलग लड़कियां हैं? सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस