मराठा आरक्षण कार्यकर्ता जरांगे का अनशन जारी, भुजबल पर साधा निशाना
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने शुक्रवार को अपना अनशन खत्म करने से इन्कार कर दिया। उनका अनशन सातवें दिन भी जारी रहा।

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता जरांगे का अनशन जारी, भुजबल पर साधा निशाना
HighLights
कहा, यदि मुद्दा हल नहीं हुआ तो मराठा महायुति का समर्थन नहीं करेंगे
12 सितंबर को गांव में मराठा समुदाय की एक बैठक होगी
पीटीआई, जालना। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने शुक्रवार को अपना अनशन खत्म करने से इन्कार कर दिया। उनका अनशन सातवें दिन भी जारी रहा।
उन्होंने कहा कि जब तक कुनबी जाति प्रमाण पत्र देने की उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे अनशन खत्म नहीं करेंगे। जिले के अंतरवाली सराटी गांव में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने मांग की कि पात्र मराठाओं को कुनबी प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में 12 सितंबर तक सरकारी आदेश (जीआर) जारी किया जाए।
उन्होंने कहा कि 12 सितंबर को गांव में मराठा समुदाय की एक बैठक होगी। आरक्षण की मांग को लेकर अब तक कई बार अनशन कर चुके जरांगे ने वरिष्ठ अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) नेता और महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल पर भी निशाना साधा।
भुजबल ओबीसी कोटे से मराठाओं को आरक्षण देने का विरोध करते रहे हैं। जरांगे ने कहा कि मुझे लगा था कि उम्र के साथ समझदारी आएगी, लेकिन बुढ़ापे में भी उनके रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।
मराठा समुदाय भी महायुति से दूर हो जाएगा। क्या छगन भुजबल ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जिनके वोटों के कारण महायुति को समर्थन मिल रहा है।
जरांगे ने कहा कि मराठों को आरक्षण देने से ओबीसी समुदाय को कोई खतरा नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने धनगर समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) आरक्षण की मांग का भी समर्थन किया।
उन्होंने राज्य सरकार द्वारा हाल ही में बनाए गए मराठा सेल और इस मुद्दे को संभालने के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि इससे स्थायी समाधान कैसे निकलेगा।
