'राज्य में एनआरसी के लिए आधार वर्ष होगा 1951', बोले मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदस कोंथौजम
मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदस कोंथौजम ने घोषणा की कि राज्य में एनआरसी के लिए आधार वर्ष 1951 होगा और सरकार केंद्र के साथ इस मामले को आगे बढ़ाएगी।

एनआरसी के लिए 1951 होगा आधार वर्ष मणिपुर में

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डिजिटल डेस्क, इंफाल। मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदस कोंथौजम ने सोमवार को कहा कि मणिपुर में नेशनल रजिस्टर आफ सिटिजंस (एनआरसी) के लिए आधार वर्ष 1951 होगा और राज्य सरकार विधानसभा में पारित प्रस्तावों के अनुसार केंद्र के साथ इस मामले को आगे बढ़ाएगी।
उन्होंने यह बात विपक्ष के विधायक के. मेघचंद्र सिंह द्वारा मणिपुर में एनआरसी को अपडेट करने और 1951 के एनआरसी के मूल भौतिक रिकार्ड के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कही।
24,475 अवैध प्रवासियों की पहचान हुई,
उन्होंने सदन को यह भी बताया कि 1951 के एनआरसी के रिकार्ड का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अकेले केंद्र की मंजूरी के बिना एनआरसी लागू नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि एनआरसी के मुद्दे को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और असम के अनुभव का जिक्र किया।
पांच अगस्त 2022 को सदन में पारित प्रस्ताव के अनुसार, मणिपुर राज्य जनसंख्या आयोग का गठन किया गया है। राज्य में अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर विपक्ष के विधायक टी. लोकेश्वर सिंह के एक और सवाल का जवाब देते हुए गृह मंत्री ने सदन को बताया कि राज्य में अब तक कुल 24,475 अवैध प्रवासियों की पहचान की गई है। कुछ अवैध प्रवासियों को वापस भेजा गया है।
सीमावर्ती गांवों पर हुए हमले की जांच कर रही पुलिस
कोंथौजम ने विधानसभा को बताया कि पुलिस कामजोंग जिले के तीन सीमावर्ती गांवों पर हथियारबंद उग्रवादियों द्वारा किए गए हमले की जांच कर रही है।
इस साल 7 मई को, हथियारबंद उग्रवादियों ने म्यांमार से सटे कामजोंग जिले के जेड चोरो, नामली और वांगली गांवों पर हमला किया था। ये गांव अंतरराष्ट्रीय सीमा के बहुत करीब स्थित हैं।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
