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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Video: 'मैं बचपन से साध्वी हूं और आगे भी रहूंगी...', Mamta Kulkarni ने किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर पद से दिया इस्तीफा

    By Agency Edited By: Mahen Khanna
    Updated: Mon, 10 Feb 2025 06:07 PM (IST)

    Mamta Kulkarni News ममता कुलकर्णी ने आज किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा दे दिया है। जब से ममता को महामंडलेश्वर बनाया गया तब से नया विवाद ख ...और पढ़ें

    Mamta Kulkarni News ममता कुलकर्णी का बड़ा एलान।
    Mamta Kulkarni News ममता कुलकर्णी का बड़ा एलान।

    HighLights

    1. ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाने पर हुआ था विवाद।
    2. ममता बोलीं- विवाद खत्म करने के लिए दिया इस्तीफा।

    एजेंसी, प्रयागराज। Mamta Kulkarni News बॉलीवुड अभिनेत्री रहीं ममता कुलकर्णी ने आज किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा दे दिया है। जब से ममता को महामंडलेश्वर बनाया गया, तब से नया विवाद खड़ा हो गया था, जिसके बाद अब उन्होंने इस्तीफे का एलान कर दिया।

    इस्तीफा देते हुए कही ये बात

    ममता कुलकर्णी ने आज एक वीडियो जारी कर इस्तीफा देते हुए कहा,

    मैं किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर के पद से इस्तीफा दे रही हूं। मैं बचपन से ही साध्वी रही हूं और आगे भी रहूंगी।

    ममता कुलकर्णी बोलीं- विवाद खत्म करना चाहती हूं

    ममता ने आगे कहा कि महामंडलेश्वर का पद मुझे केवल सम्मान के रूप में दिया गया था। मैं इस्तीफा इसलिए दे रही हूं ताकि इसको लेकर विवाद खत्म हो। उन्होंने आगे कहा कि मैं शुरू से साधवी रही हूं और आगे भी रहूंगी और अखाड़ों को गलत बोलना सही नहीं है। 

    उन्होंने कहा कि मैंने ये देखा कि मेरे महामंडलेश्वर बनने से कई लोगों को दुख था और वो एक दूसरे से झगड़ रहे हैं, यही कारण है कि मैं इस्तीफा दे रही हूं।

    किन्नर अखाड़े ने दी थी महामंडलेश्वर की उपाधि 

    ममता कुलकर्णी ने बीते दिनों प्रयागराज में महाकुंभ पहुंचकर अपना पिंडदान किया और संन्यास की दीक्षा ली थी। इसके बाद उन्हें यामाई ममता नंद गिरी का नाम दिया गया। किन्नर अखाड़े ने ममता कुलकर्णी का पट्टाभिषेक कर उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि दी थी। इससे वह अखाड़े की साध्वी के रूप में जानी जाने लगी थी।

    आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने दी थी दीक्षा 

    किन्नर अखाड़े के आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने उन्हें दीक्षा दी थी। पट्टाभिषेक के बाद ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर की पदवी दी गई और उनको नया नाम श्री यामाई ममता नंद गिरि दिया गया। इसके पहले उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया था, जिसमें में उन्होंने बताया कि साध्वी बनने के बाद वे संगम, काशी और अयोध्या की यात्रा करेंगी।

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    ममता कुलकर्णी ने कहा था कि यह मेरा सौभाग्य है कि महाकुंभ की पवित्र बेला में संन्यास लिया। मैंने 23 वर्ष पहले अपने गुरु श्री चैतन्य गगन गिरि से कुपोली आश्रम में दीक्षा ली थी। अब पूरी तरह से संन्यासिनी बनी।

    भारतीय सिनेमा में फिल्म तिरंगा (1992) से अपने करियर की शुरुआत करने वाली ममता कुलकर्णी एक फेमस अभिनेत्री और मॉडल रह चुकी हैं। ममता कुलकर्णी का जन्म मराठी ब्राह्मण परिवार में 20 अप्रैल 1972 को मुंबई में हुआ था।