यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
प.बंगाल विस चुनाव में दो भूमिका में ममता, घेरने में जुटा विपक्ष
विधानसभा चुनाव में तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी पहली बार दोहरी भूमिका में हैं। ममता के ही कंधे पर तृणमूल के प्रचार की जिम्मेदारी है और वह खुद भी चुनाव लड़ रही हैं।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। विधानसभा चुनाव में तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी पहली बार दोहरी भूमिका में हैं। ममता के ही कंधे पर तृणमूल के प्रचार की जिम्मेदारी है और वह खुद भी चुनाव लड़ रही हैं।
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इस स्थिति में अपने विधानसभा क्षेत्र में भी उन्हें ही प्रचार करना होगा। भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से सटे कालीघाट में ही ममता का निवास भी है। इसके बावजूद ममता को अपने क्षेत्र में प्रचार के लिए अधिक समय निकालना मुश्किल है क्योंकि उन्हें राज्यभर में प्रचार करना है। इस स्थिति का विपक्ष फायदा उठाना चाहता है और ममता को अपने ही चुनाव क्षेत्र में घेरने की तैयारी की जा रही है।
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भाजपा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पौत्र चंद्र बोस को मैदान में उतारा है तो कांग्रेस दीपा दासमुंशी को प्रत्याशी बनाने की जुगत में है। वहीं वाममोर्चा भी ममता को घेरने को लेकर कमर कस रहा है। इस विधानसभा क्षेत्र में गैर बांग्ला भाषियों की भी काफी संख्या है, जो महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
2011 विधानसभा चुनाव में इस सीट से तृणमूल कांग्रेस से सुब्रत बक्शी जीते थे। बाद में ममता के लिए उन्होंने सीट छोड़ दी और उपचुनाव तृणमूल प्रमुख जीती थीं।
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