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शुद्धिकरण विवाद: कांग्रेस नेताओं की चुप्पी से 'आहत' हुए खरगे, CWC बैठक में कहा- समर्थन नहीं मिला

Published: Thu, 20 Aug 2026 11:15 AM (IST)

मल्लिकार्जुन खरगे शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस नेताओं की चुप्पी से नाराज हैं, उन्होंने दिल्ली में सीडब्ल्यूसी बैठक में अपनी निराशा व्यक्त की।

सीडब्ल्यूसी की बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे। (फोटो- पीटीआई।)

सीडब्ल्यूसी की बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे। (फोटो- पीटीआई।)

HighLights

  1. खरगे शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस नेताओं की चुप्पी से हुए आहत।

  2. सीडब्ल्यूसी बैठक में व्यक्त की नाराजगी, समर्थन न मिलने से दुखी।

  3. हल्द्वानी रैली के बाद हुए शुद्धिकरण अनुष्ठान से जुड़ा है मामला।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस नेताओं की चुप्पी को लेकर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे नाराज हैं। बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की मीटिंग में उन्होंने इसको लेकर नाराजगी जाहिर की।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष ने बैठक में मौजूद पार्टी नेताओं से कहा कि उन्हें इस बात से दुख हुआ है कि सीडब्ल्यूसी के कई सदस्यों ने शुद्धिकरण के मुद्दे की निंदा करके खुलकर उनका समर्थन नहीं किया। खरगे उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई उस घटना का जिक्र कर रहे थे, जहां उनकी रैली के बाद कुछ हिंदुत्ववादी संगठनों ने उस जगह को शुद्ध किया था।

खरगे ने नहीं लिया किसी नेता का नाम

हालांकि खरगे ने किसी खास नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन सूत्रों के मुताबिक उनके हाव-भाव से ऐसा लग रहा था कि वे इस मुद्दे पर कुछ वरिष्ठ नेताओं से समर्थन न मिलने से नाराज थे।

क्या है मामला?

मल्लिकार्जुन खरगे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में विजय शंखनाद रैली को संबोधित किया था। दो दिन बाद 10 अगस्त को एक दक्षिणपंथी समूह श्री राम सेना ने रैली स्थल पर शुद्धीकरण हवन किया।

बाद में सीडब्ल्यूसी में हुई चर्चा के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए वेणुगोपाल ने शुद्धिकरण विवाद पर बात की। उन्होंने कहा कि यह घटना अस्वीकार्य और निंदनीय है और आरोप लगाया कि इससे बीजेपी की मानसिकता का पता चलता है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि शुद्धिकरण की रस्म निभाने वालों के संबंध बीजेपी और आरएसएस से थे और दावा किया कि इससे उनकी दलित-विरोधी मानसिकता उजागर हुई।

दूसरी ओर, बीजेपी ने दक्षिणपंथी संगठन की इस हरकत से खुद को अलग कर लिया और शुद्धिकरण अनुष्ठान की निंदा की। कांग्रेस प्रमुख ने मानसून सत्र के आखिरी दिन संसद में भी यह मुद्दा उठाया था।

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