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    केरल से केरलम... लोकसभा में नाम बदलने वाला बिल पास, आखिर क्यों पड़ी जरूरत?

    Updated: Thu, 13 Aug 2026 05:44 PM (IST)

    लोकसभा ने विपक्ष के विरोध के बीच केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने वाला बिल ध्वनि मत से पास कर दिया है। ...और पढ़ें

    HighLights

    1. लोकसभा ने केरल का नाम बदलने वाला बिल पास किया

    2. राज्य का नाम 'केरल' से बदलकर 'केरलम' किया जाएगा

    3. मलयालम में 'केरलम' नाम को संवैधानिक मान्यता मिलेगी

    गरिमा सिंह, नई दिल्ली। मंगलवार, 11 अगस्त को लोकसभा ने विपक्ष के विरोध के बीच 'केरल' का नाम बदलने वाला बिल ध्वनि मत से पास कर दिया। इस बिल का मकसद राज्य का नाम 'केरल' से बदलकर 'केरलम' करना है।

    इस बिल को विधानसभा में अगस्त 2023 और जून 2024 में पास किया गया था। केंद्रीय कैबिनेट ने इस साल फरवरी में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसके बाद बिल को राज्य विधानसभा के पास भेजा गया, जिसने सर्वसम्मति से इसका समर्थन किया।

    केरल ने क्या मांग की है और क्यों?

    जून 2024 में, केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पास करके केंद्र सरकार से संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने के लिए कदम उठाने की मांग की थी। अगस्त 2023 में पास हुए पिछले प्रस्ताव के बाद, विधानसभा द्वारा पास किया गया यह दूसरा ऐसा प्रस्ताव था।

    विधानसभा का कहना था कि मलयालम में राज्य का नाम 'केरलम' है, जबकि अंग्रेजी में और संविधान की पहली अनुसूची में इसका नाम 'केरल' लिखा है।

    'केरल' और 'केरलम' नाम कहां से आए हैं?

    'केरलम' शब्द की उत्पत्ति को लेकर कई सिद्धांत हैं। इस शब्द का सबसे शुरुआती जिक्र सम्राट अशोक के 'शिलालेख II' में मिलता है, जो 257 ईसा पूर्व का है।

    शिलालेख में लिखा है कि देवताओं के प्रिय राजा प्रियदर्शी के राज्य में और उनके सीमावर्ती राजाओं, जैसे चोल, पांड्य, सत्यपुत्र, केरलपुत्र...।' संस्कृत में 'केरलपुत्र' का शाब्दिक अर्थ है 'केरल का पुत्र'। यह शब्द चेर राजवंश के लिए इस्तेमाल होता है, जो दक्षिण भारत के तीन मुख्य राज्यों में से एक था।

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    जर्मन मिशनरी और भाषा-विशेषज्ञ हरमन गुंडर्ट, जिन्होंने शुरुआती मलयालम-अंग्रेजी शब्दकोश तैयार किया था उन्होंने कन्नड़ शब्द 'केरम' और 'चेरम' के बीच संबंध बताया।

    ये शब्द गोकर्ण (कर्नाटक) और कन्याकुमारी (तमिलनाडु, ) के बीच के तटीय इलाके के लिए इस्तेमाल होते थे। एक और राय यह है कि यह शब्द पुराने तमिल मूल 'चेर' (जिसका अर्थ है जुड़ना) और 'अलम' (जिसका अर्थ है क्षेत्र या जमीन) से बना है।

    केरल राज्य कैसे बना?

    मलयालम बोलने वाले लोग ऐतिहासिक रूप से अलग-अलग राजनीतिक क्षेत्रों में फैले हुए थे, जिनमें त्रावणकोर और कोचीन की रियासतें और मद्रास प्रेसीडेंसी का मालाबार जिला शामिल था। मलयालम बोलने वाले इलाकों को एक करने की मांग 1920 के दशक में 'ऐक्य केरल' या 'यूनाइटेड केरल' आंदोलन के दौरान जोर पकड़ने लगी।

    आजादी के बाद, 1949 में त्रावणकोर और कोचीन की रियासतों को मिलाकर त्रावणकोर-कोचीन राज्य बनाया गया। बाद में, भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन से मलयालम भाषी राज्य के गठन का रास्ता साफ हुआ। सैयद फजल अली की अध्यक्षता वाले 'राज्य पुनर्गठन आयोग' की सिफारिशों के आधार पर, 1 नवंबर 1956 को आधुनिक केरल राज्य अस्तित्व में आया।

    नए राज्य में मालाबार जिले और कासरगोड तालुक को शामिल किया गया, जबकि त्रावणकोर के चार दक्षिणी तालुकों - टोवाला, अगस्त्येश्वरम, कल्कुलम और विलायनकोड और शेनकोट्टई के कुछ हिस्सों को इसमें शामिल नहीं किया गया और वे बाद में तमिलनाडु का हिस्सा बन गए। मलयालम में, नए राज्य को 'केरलम' कहा गया। अंग्रेजी और संविधान में, इसका नाम 'केरल' ही रहा।

    किसी राज्य का नाम कैसे बदला जाता है?

    संविधान साफ तौर पर संसद को किसी राज्य का नाम बदलने की शक्ति देता है। आर्टिकल 3 के तहत, ऐसा बदलाव करने वाला बिल संसद में सिर्फ राष्ट्रपति की सिफारिश पर ही पेश किया जा सकता है।

    अगर प्रस्ताव किसी राज्य के इलाके, सीमाओं या नाम पर असर डालता है, तो राष्ट्रपति उस बिल को राज्य की विधानसभा के पास भेजते हैं और उन्हें अपनी राय बताने का मौका देते हैं। हालांकि, राज्य विधानसभा की राय आखिरकार संसद पर बाध्यकारी नहीं होती है।

    केरल के मामले में, फरवरी 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद, राष्ट्रपति ने प्रस्तावित 'केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026' को राज्य विधानसभा के पास भेजा गया। विधानसभा ने सर्वसम्मति से बिल पर सहमति जताई।

    इसके बाद, 10 अगस्त को लोकसभा में बिल पेश किया गया और 11 अगस्त को ध्वनि मत से पास हो गया। केरल से 'केरालम' में बदलाव के कानून बनने से पहले, अब इस बिल को राज्यसभा से पारित होना होगा और राष्ट्रपति की मंज़ूरी लेनी होगी।

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