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    छत्तीसगढ़: 'परंपरागत खेती छोड़ें, चौगुनी होगी आय', सीएम साय बोले- किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 02:10 AM (GMT+05:30)

    सीएम साय ने मंगलवार को नईदुनिया फोरम-2026 में किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसान पारंपरिक धान की खेती पर निर्भरता छोड़कर उद्य ...और पढ़ें

    छत्तीसगढ़: 'परंपरागत खेती छोड़ें, चौगुनी होगी आय', सीएम साय (फाइल फोटो)

    छत्तीसगढ़: 'परंपरागत खेती छोड़ें, चौगुनी होगी आय', सीएम साय (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. नईदुनिया फोरम के मंच से कृषि से उद्योग तक के विकास पर हुआ मंथन

    2. मुख्यमंत्री बोले - सेब, लीची व चाय के बागान समेत उद्यानिकी में नवाचार से बढ़ेगी किसानों की आमदनी

    जेएनएन, रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को नईदुनिया फोरम-2026 में किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसान पारंपरिक धान की खेती पर निर्भरता छोड़कर उद्यानिकी और नकदी फसलों को अपनाएं, तो उनकी वार्षिक आय चौगुनी हो सकती है।

    बलरामपुर के किसान राकेश कुमार सिंह ने वैकल्पिक फसलों से हो रही आमदनी का अनुभव साझा किया, जिसे सुनकर मुख्यमंत्री गदगद हो गए।

    उन्होंने जशपुर का उदाहरण देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के किसान अब आम, लीची, चाय और सेब जैसी फसलों का सफलतापूर्वक उत्पादन कर रहे हैं।

    नईदुनिया फोरम का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया। इस अवसर पर वन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन और अन्य उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार के पांच वर्षों में केवल पांच हजार सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति मिली थी, जबकि वर्तमान सरकार ने ढाई वर्ष में 11 हजार करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत की हैं।

    उन्होंने कहा कि जब हर खेत तक पानी पहुंचेगा, तो उत्पादन और आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कृषक उन्नति योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता दी जा रही है।

    उन्होंने किसानों को धान पर निर्भर न रहने और कोदो, कुटकी, दलहन, तिलहन और मक्का जैसी नकदी फसलों को अपनाने की सलाह दी। इसके साथ ही, आधुनिक तकनीक, पशुपालन, कुक्कुट पालन, मत्स्य पालन, औषधीय खेती और दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

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    18% से शून्य प्रतिशत ब्याज तक का सफर

    कृषि ऋण में सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के समय किसानों को 18 प्रतिशत ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था, जिसे भाजपा सरकार ने घटाकर शून्य प्रतिशत तक पहुंचाया।

    उन्होंने इसका श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू की गई किसान क्रेडिट कार्ड योजना को दिया। बस्तर में माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में आ रहे बदलावों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों तक बंजर पड़े खेत अब सड़क, बिजली और पानी के विस्तार से विकास का नया दौर देख रहे हैं।

    रेलवे में कई गुना बढ़ा बजट

    रेलवे अधोसंरचना के विस्तार पर भी उन्होंने बात की। राज्य के 32 रेलवे स्टेशनों का विश्वस्तरीय उन्नयन किया जा रहा है। हाल ही में खरसिया-परमलकसा रेल लाइन को स्वीकृति मिली है और कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल परियोजना भी साकार होने जा रही है।

    केंद्रीय बजट 2026-27 में छत्तीसगढ़ को रेलवे के विकास के लिए ₹7,470 करोड़ का ऐतिहासिक बजट मिला है, जो 2009-14 के दौरान मिलने वाले 311 करोड़ रुपये के वार्षिक औसत से लगभग 24 गुना अधिक है। वर्तमान में राज्य में ₹51,080 करोड़ की लागत से विभिन्न रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं।