विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'अब उनकी आत्मा को शांति मिलेगी', कंचनजंगा ट्रेन हादसे में लोको पायलट को मिली क्लीन चिट; भावुक हुई पत्नी

Updated: Wed, 17 Jul 2024 09:33 AM (IST)

कंचनजंगा ट्रेन हादसे में रेलवे अधिकारियों ने घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की है। रेलवे ने जांच में पाया कि इस हादसे में लोको पायलट अनिल कु ...और पढ़ें

कंचनजंघा ट्रेन हादसे की क्या थी वजह, हुआ खुलासा (फाइल फोटो
कंचनजंघा ट्रेन हादसे की क्या थी वजह, हुआ खुलासा (फाइल फोटो

HighLights

  1. कंचनजंगा ट्रेन हादसे की रिपोर्ट से खुलासा
  2. हादसे के लिए लोको पायलट नहीं है जिम्मेदार

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में कंचनजंगा एक्सप्रेस की मालगाड़ी ट्रेन से टक्कर हो गई थी। ये ट्रेन सियालदाह जा रही थी। इस घटना में पैसेंजर ट्रेन के गार्ड और मालगाड़ी के लोको पायलट अनिल कुमार समेत 10 लोगों की मौत हो गई थी। टाइम्स ऑफ इंडिया डॉट कॉम में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, अब कंचनजंगा एक्सप्रेस हादसे में जान गंवाने वाले लोको पायलट अनिल कुमार के परिवार को आखिरकार न्याय मिल गया है।

रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त (CCRS) की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें 17 जून को हुए हादसे के लिए दोषी नहीं पाया है।अनिल कुमार पर आरोप लगने को लेकर उनकी पत्नी रोशनी कुमार का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ट्रेन हादसे के कुछ ही घंटों के अंदर मेरे पति को दोषी ठहरा दिया गया था। पत्नी ने आगे कहा, हम उनकी मौत का गम भुला नहीं पाए थे, इसके तुरंत बाद ही ट्रेन हादसे के लिए अनिल को मौत का जिम्मेदार ठहराने के बाद हम सदमे में आ गए थे। अब हमें खुशी है कि रेलवे ने उचित जांच की और उन्हें निर्दोष पाया। अब उनकी आत्मा को शांति मिलेगी।

जांच में हुआ सच का खुलासा

सीसीआरएस की रिपोर्ट में माना गया था कि कंचनजंगा एक्सप्रेस की मौजूदगी के बावजूद मालगाड़ी के लोको पायलट को एक सेक्शन पर जाने की अनुमति दी गई और बिना किसी सावधानी आदेश के सभी सिग्नलों को पार करने के लिए एक गलत मेमो दिया गया।

78 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी ट्रेन

जांच में पाया गया कि मालगाड़ी 78 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा कर रही थी जब उसने कंचनजंघा एक्सप्रेस के पिछले हिस्से को देखा और आपातकालीन ब्रेक लगाया। लेकिन कंचनजंगा में दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले ट्रेन केवल 40 किमी प्रति घंटे तक ही धीमी हो सकी। रिपोर्ट में कहा गया है कि अनिल ने 5 मिनट में 10 बार थ्रॉटल को एडजस्ट किया था, जो उनकी सतर्कता को दर्शाता है।

यह भी पढ़ें: Kanchanjunga Accident: कंचनजंगा ट्रेन हादसे पर रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने किया खुलासा, दुर्घटना की बताई ये बड़ी वजह

यह भी पढ़ें: Kanchanjunga Express Train Accident: हादसे के बाद दार्जिलिंग में फिर से शुरू हुई रेल सेवाएं, ये ट्रेनें हुई रद्द तो इनका रूट डायवर्ट