बंगाल सरकारों का नहीं, इतिहास का है: जावेद अख्तर बोले- 'साहित्य है बंगाल की असली पहचान'
बंगाल विधानसभा चुनावों के आने वाले परिणाम के बारे में पूछे जाने पर अख्तर ने यह बात कही। अख्तर अपनी ...और पढ़ें

बंगाल सरकारों के लिए नहीं, अपने इतिहास और साहित्य के लिए जाना जाता है : जावेद अख्तर (फोटो- इंस्टाग्राम)
HighLights
बंगाल सरकारों के लिए नहीं, अपने इतिहास और साहित्य के लिए जाना जाता है : जावेद अख्तर
मशहूर गीतकार ने कहा-इसका किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं
सभी को रचनात्मक कार्यों के जरिये अपने विचारों को व्यक्त करने का अधिकार
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। मशहूर गीतकार गीतकार जावेद अख्तर ने रविवार को कोलकाता में कहा कि बंगाल सरकारों के लिए नहीं जाना जाता। बंगाल अपने इतिहास और साहित्य के लिए जाना जाता है, जिसका किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है।
बंगाल विधानसभा चुनावों के आने वाले परिणाम के बारे में पूछे जाने पर अख्तर ने यह बात कही। अख्तर अपनी उपलब्धियों के लिए कोलकाता के एक प्रमुख आभूषण ब्रांड से विशेष पुरस्कार प्राप्त करने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं; समाज चलाने के लिए सरकार की आवश्यकता होती है। वर्ष 2014 में, केंद्र में भाजपा के सत्ता में आने के मुद्दे पर टिप्पणी करने का आग्रह किए जाने पर, अख्तर ने कहा कि वहां बदलाव होना तय था।
उन्होंने कहा कि कभी-कभी बदलाव अवांछनीय होते हैं और कभी-कभी वांछनीय। मेरा मानना है कि युवा पीढ़ी मेरी पीढ़ी से बेहतर है। वे इस समाज को कहीं बेहतर बनाएंगे।
उनसे हाल में आई ‘धुरंधर’ जैसी कुछ फिल्मों को ‘दुष्प्रचार’ वाली फिल्म करार दिए जाने से जुड़ा सवाल किया गया तो गीतकार ने कहा कि सभी को रचनात्मक कार्यों के माध्यम से अपने विचारों को व्यक्त करने का अधिकार है।
अख्तर ने कहा कि मुझे नहीं पता कि ‘दुष्प्रचार’ वाली फिल्मों से आपका क्या मतलब है। मुझे ‘धुरंधर’ बहुत पसंद आई, जो एक बेहतरीन फिल्म है।
हर कहानी किसी न किसी पक्ष को दर्शाती है, लेकिन क्या कोई कहानी सिर्फ इसलिए दुष्प्रचार बन जाती है क्योंकि उसका कथानक दर्शकों के एक वर्ग के लिए उपयुक्त नहीं है? हर किसी को अपने विचारों को व्यक्त करने का अधिकार है। हर फिल्म निर्माता का काम सच को दिखाना है।
