विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

भारतीय ओलिंपिक संघ का बड़ा फैसला, NSGA के तहत संविधान में बदलाव मंजूर

Published: Tue, 08 Sep 2026 10:58 PM (IST)

भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम (एनएसजीए) के अनुरूप अपने संविधान में बदलावों को मंजूरी दी है।

आईओए ने एनएसजीए के अनुरूप संविधान में बदलाव किए

आईओए ने एनएसजीए के अनुरूप संविधान में बदलाव किए

HighLights

  1. आईओए ने एनएसजीए के अनुरूप संविधान में बदलाव किए

  2. पदाधिकारियों की आयु सीमा और कार्यकाल में वृद्धि हुई

  3. लंबे समय तक पद पर रहने का रास्ता खुला

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) ने मंगलवार को अपनी आम सभा की विशेष बैठक में अपने संविधान में कुछ बदलावों को मंजूरी दे दी। यह बदलाव राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम (एनएसजीए) के अनुरूप किए गए हैं। इन संशोधन से आईओए के पदाधिकारियों के लंबे कार्यकाल का रास्ता साफ होगा।

आईओए की कार्यकारी समिति ने 19 अगस्त को हुई अपनी बैठक में पहले से लागू संविधान में किए गए संशोधनों को मंजूरी दी थी। इसके बाद मंगलवार को आम सभा की विशेष बैठक में इन बदलावों को अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई।

पहले आईओए के संविधान के अनुसार चुनाव की तारीख तक 70 वर्ष की आयु पूरी कर चुका कोई भी सदस्य किसी भी पद के लिए चुनाव लड़ने का पात्र नहीं था।

हालांकि राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम (एनएसजीए) के तहत 70 से 75 वर्ष की आयु वाला व्यक्ति भी चुनाव लड़ सकता है या नामांकन के जरिए पद हासिल कर सकता है बशर्ते अंतरराष्ट्रीय चार्टर और नियम इसकी अनुमति देते हों।

इसके अलावा आईओए के पुराने संविधान में प्रविधान था कि कोई भी सदस्य पदाधिकारी के एक या उससे अधिक पद पर लगातार दो कार्यकाल से अधिक नहीं रह सकता।

दो लगातार कार्यकाल पूरे करने के बाद पदाधिकारी को ब्रेक (कूलिंग आफ अवधि) लेना पड़ता था। हालांकि एनएसजीए के तहत कोई व्यक्ति अध्यक्ष, महासचिव या कोषाध्यक्ष के पद पर लगातार तीन कार्यकाल तक रह सकता है।

यह अवधि किसी एक पद पर लगातार तीन कार्यकाल के रूप में या अलग-अलग पदों को मिलाकर भी हो सकती है। इसके लिए किसी कूलिंग आफ अवधि की आवश्यकता नहीं होगी।

आईओए की कार्यकारी समिति के एक सदस्य ने कहा कि यह केवल एक औपचारिकता थी और आम सभा की विशेष बैठक (एसजीबीएम) ने कार्यकारी परिषद की संख्या से जुड़े प्रविधान को छोड़कर एनएसजीए के अनुरूप सभी बदलावों को मंजूरी दे दी।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)