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    भारत के पास कितने दिनों का तेल-LPG स्टॉक? GoM की बैठक में हुई समीक्षा

    Updated: Mon, 11 May 2026 11:50 PM (IST)

    पीएम मोदी की अपील के बाद, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में GoM ने पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर देश के पेट्रोलियम भंडारों की समीक्षा की। ...और पढ़ें

    भारत के पास कितने दिनों का तेल-LPG का स्टॉक। (X- @rajnathsingh)

    भारत के पास कितने दिनों का तेल-LPG का स्टॉक। (X- @rajnathsingh)

    HighLights

    1. भारत के पास 60 दिन का क्रूड, गैस भंडार।

    2. 45 दिनों के लिए पर्याप्त एलपीजी स्टॉक उपलब्ध।

    3. पीएम मोदी की अपील दीर्घकालिक राष्ट्रीय हित में।

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से रविवार को पेट्रोल, डीजल, गैस का संयम से इस्तेमाल करने की अपील को लेकर जिस तरह से देश के वित्तीय बाजारों व विपक्ष ने प्रतिक्रिया जताई है, उसे देखते हुए केंद्र सरकार की तरफ से स्थिति को संभालने की कोशिश की गई है।

    इस बारे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में गठित अनौपचारिक मंत्रीसमूह (आइजीओएम) की बैठक में पश्चिम एशिया संकट के परिप्रेक्ष्य में देश में उपलब्ध पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारों की समीक्षा की गई। इसके बाद सरकार की तरफ से बताया गया है कि देश में 60 दिनों का क्रूड, 60 दिनों के गैस, 45 दिनों का एलपीजी जैसे पेट्रो उत्पादों के पर्याप्त भंडार है।

    सरकार ने पीएम मोदी की पेट्रो उत्पादों के संयमित उपयोग की अपील को दीर्घकालिक राष्ट्रीय हित से जोड़ते हुए कहा है कि यह संरक्षण तत्कालिक बोझ कम करने के साथ-साथ भविष्य की क्षमता निर्माण की दिशा में की गई है।

    GoM की अहम बैठक

    जीओएम का गठन पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए मार्च, 2026 में किया गया था। सोमवार को इसकी पांचवी बैठक हुई है। इसमें रसायन व उर्वरक मंत्री जे पी नड्डा, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, रेल, संचार व आइटी मंत्री अश्विनी वैष्णव, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजीजू, नागरिक उड्डयन मंत्री के आर नायडू समेत कुछ अन्य सदस्य शामिल हुए।

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    बैठक में पश्चिम एशिया संकट के परिप्रेक्ष्य में देश के पेट्रोलियम भंडारों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि देश में 60 दिनों का क्रूड ऑयल, 60 दिनों का नेचुरल गैस और 45 दिनों का एलपीजी का पर्याप्त रोलिंग स्टॉक उपलब्ध है।

    भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 703 बिलियन डॉलर

    विदेशी मुद्रा भंडार भी 703 बिलियन डॉलर के आरामदायक स्तर पर है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल रिफाइनर और चौथा सबसे बड़ा पेट्रोलियम उत्पाद निर्यातक देश है, जो 150 से अधिक देशों में निर्यात करता है तथा घरेलू मांग पूरी तरह से पूरा कर रहा है।

    सरकार ने जोर देकर कहा कि वैश्विक स्तर पर अधिकांश देशों ने आपातकालीन उपायों के तहत घरेलू खपत घटा दी है, लेकिन भारत में अभी भी स्थिति पूरी तरह सुरक्षित है। इसके साथ ही यह भी बताया गया है कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें बहुत ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे देश पर भारी वित्तीय बोझ पड़ रहा है।

    प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपये का घाटा उठा रही तेल कंपनियां

    तेल विपणन कंपनियां प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपये का घाटा उठा रही हैं और चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में करीब 2 लाख करोड़ रुपये की अंडर-रिकवरी हो चुकी है। लेकिन बाहरी प्रभावों से आम आदमी को अभी तक बचा कर रखा गया है। जनता को बेवजह घबड़ाने और पेट्रो उत्पादों का भंडारण करने की जरूरत नहीं है।

    पीएम मोदी ने पेट्रोलियम उत्पादों के संयमित उपयोग की अपील की

    सनद रहे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जनता से पेट्रोलियम उत्पादों के संयमित उपयोग की अपील की थी। सरकार ने स्पष्ट किया कि यह अपील वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, सप्लाई चेन चुनौतियों और बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए सामूहिक भागीदारी का आह्वान है। इसका उद्देश्य वर्तमान वित्तीय बोझ को कम करना और भविष्य में दीर्घकालिक क्षमता निर्माण करना है।

    पीएम की अपील को ग्राउंड लेवल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री की अपील को ग्राउंड लेवल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और राज्यों को समन्वित तरीके से ईंधन दक्षता, जन जागरूकता और जिम्मेदार खपत व्यवहार को संस्थागत रूप देने के उपायों की पहचान करनी चाहिए।''

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपील में मेट्रो व सार्वजनिक परिवहन का उपयोग, कार पूलिंग, अनावश्यक विदेश यात्रा से परहेज, स्वदेशी पर्यटन, गैर-जरूरी सोने की खरीदारी एक साल के लिए टालने और किसानों से रासायनिक उर्वरक का उपयोग 50 प्रतिशत घटाकर प्राकृतिक खेती अपनाने, सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पंपों को बढ़ावा देने की बात कही थी।

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