ट्रेन में डॉग-बिल्ली को लेकर सफर कर सकते हैं या नहीं? जानिए पेट्स के लिए रेलवे का नियम
भारतीय रेलवे में पालतू जानवरों के साथ यात्रा करने के लिए कड़े नियम हैं, जिनमें फर्स्ट एसी कूपे या लगेज वैन के डॉग बॉक्स का उपयोग शामिल है।
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(यह तस्वीर AI से बनाई गई है)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आज के समय में पालतू जानवर सिर्फ जानवर नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा बन चुके हैं। कई बार जब आप घर से बाहर कहीं यात्रा पर जाते समय उन्हें अकेला छोड़ना कई पेट लोगों के लिए मुश्किल होता है।
ऐसे में वे अपने कुत्ते या बिल्ली को साथ ले जाना चाहते हैं। भारतीय रेलवे इस भावना का सम्मान करते हुए ट्रेनों में पालतू जानवर ले जाने की अनुमति देता है, लेकिन इसके लिए कड़े नियम बनाए गए हैं।
जानकारी के अभाव में कई लोग नियमों का उल्लंघन कर देते हैं, जिससे जुर्माना और सफर खराब होने का खतरा रहता है। अगर आप भी एक पेट लवर हैं और अपने पेट्स को ट्रेन में लेकर सफर करना चाहते हैं तो उससे पहले इससे जुड़े नियम समझ लीजिए।
फर्स्ट एसी में साथ रखने का नियम
अगर आप अपने पालतू को अपने साथ सीट पर रखना चाहते हैं, तो सिर्फ फर्स्ट एसी का पूरा कूपे (2 या 4 बर्थ) बुक करना होगा। स्लीपर, थर्ड एसी या चेयर कार में पालतू जानवर को साथ बिठाकर ले जाना मना है।
ब्रेक वैन या डॉग बॉक्स की सुविधा
पूरा कूपे बुक न कर पाने पर पालतू को लगेज डिब्बे के विशेष 'डॉग बॉक्स' में भेजना पड़ता है। इसके लिए स्टेशन के पार्सल ऑफिस में बुकिंग करानी होती है। ट्रेन का गार्ड जानवर की सुरक्षा करता है।
फिटनेस सर्टिफिकेट-वैक्सीनेशन जरूरी
टिकट बुकिंग से पहले सरकारी पशु चिकित्सक से हेल्थ और फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाना अनिवार्य है। साथ में वैक्सीनेशन कार्ड भी रखना चाहिए, जिसमें रैबीज का टीका स्पष्ट रूप से अंकित हो।
बिना बुकिंग पर भारी जुर्माना
बिना वैध टिकट या बुकिंग के पालतू ले जाते पकड़े जाने पर रेलवे इसे गंभीर अपराध मानता है। नियमों की अनकही करने पर भारतीय रेलवे लगेज स्केल दर से छह गुना जुर्माना लग सकता है। यात्री को अगले स्टेशन पर उतारा जा सकता है और जानवर को लगेज वैन में शिफ्ट किया जा सकता है।
एक बॉक्स में केवल एक ही पेट
अब ट्रेन के एक डॉग बॉक्स में केवल एक ही कुत्ते की बुकिंग की अनुमति दी जाएगी। इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य यात्रा के दौरान पालतू जानवरों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और तनावमुक्त माहौल प्रदान करना है।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि बड़े कद वाले कुत्तों को सामान्य डॉग बॉक्स में बुक नहीं किया जा सकेगा। ऐसे बड़े आकार के पालतू कुत्तों को उपलब्धता के आधार पर विशेष ब्रेक वैन या पार्सल वाहन में बुक करना होगा।
इसके लिए रेलवे 'घोड़े की दर' (Horse Rate) के आधार पर भाड़ा वसूलेगा। बड़े कुत्तों के लिए तय इस शुल्क संरचना में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

कैसे मिलता है पेट बॉक्स?
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में पेट बॉक्स की सुविधा जानवरों को ले जाने के लिए खास तौर पर बनाई गई है। ये जगहें ट्रेन के दोनों सिरों पर, इंजन के पास होती हैं और पैसेंजर कोच से अलग होती हैं। इस सर्विस के तहत पैसेंजर केबिन के अंदर पालतू जानवरों को ले जाने की इजाजत नहीं है।
यह सुविधा अभी कुछ ही वंदे भारत स्लीपर रूट पर उपलब्ध है और इसकी उपलब्धता ट्रेन और रूट के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा शुरू करने वाले स्टेशन पर पहले से ही पूरी जानकारी कन्फर्म कर लें।
वंदे भारत ट्रेनों में पेट बॉक्स कैसे बुक करें?
अभी तक पेट बॉक्स की बुकिंग की पूरी प्रक्रिया रेलवे स्टेशन पर ऑफलाइन ही होती थी, लेकिन अब रेलवे की वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी उप्लाबह है। ऑफलाइन बुकिंग शुरू करने के लिए यात्रियों को अपने स्टेशन के पार्सल या लगेज ऑफिस जाना होगा।

आखिरी समय में होने वाली देरी से बचने और सभी जरूरी काम आसानी से पूरे करने के लिए, तय समय से कम से कम तीन घंटे पहले स्टेशन पहुंचने की सलाह दी जाती है।

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