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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब आतंकियों की खैर नहीं, मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत ने बदले युद्ध नियम, 5 प्वाइंट्स में जानें नए सिद्धांत

Published: Sun, 27 Jul 2025 08:49 AM (IST)

पहलगाम हमले के बाद भारत आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर में India New War Doctrine ...और पढ़ें

ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर होगा भारत का 'नया युद्ध सिद्धांत'। फाइल फोटो
ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर होगा भारत का 'नया युद्ध सिद्धांत'। फाइल फोटो

HighLights

  1. भारत में होने वाला कोई भी आतंकी हमला 'एक्ट ऑफ वॉर' माना जाएगा।
  2. दुश्मन को जवाब देना अब एक न्यू नॉर्मल होगा: CDS
  3. सामरिक संयम की बजाए अब प्रिवेंटिव कार्रवाई की जाएगी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ आक्रमक नीति अपना ली है। ऑपरेशन सिंदूर में सरहद पार घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह करना इसी का हिस्सा था। इस दौरान भारत ने कई कड़े कदम उठाए। वहीं, अब आतंकवाद से निपटने के लिए भारत 'नए युद्ध सिद्धांत' अपनाने की योजना बना रहा है।

इस नए सिद्धांत के संकेत भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के समय ही दे दिए थे, जिसके तहत भारत में होने वाला कोई भी आतंकी हमला 'एक्ट ऑफ वॉर' यानी देश के खिलाफ युद्ध माना जाएगा।

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CDS की अगवाई में बनेंगे नियम

आतंकवाद को पनाह देकर पाकिस्तान हमेशा चोरी-छिपे वार करता आया है। मगर अब भारत ने पाकिस्तान की नापाक हरकतों पर शिकंजा कसने की 'नया युद्ध सिद्धांत' अपनाने की योजना बना ली है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) की अगवाई में उस योजना को अंतरिम रूप दिया जाएगा। इस सिद्धांत को सिलसिलेवार तरीके से लागू किया जाएगा।

विजय दिवस पर क्या बोले CDS?

भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कारगिल विजय दिवस के दौरान लद्दाख में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा-

दुश्मन को जवाब देना अब एक न्यू नॉर्मल होगा। ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान को सीधा संदेश दिया गया है कि आतंक के आकाओं को भी अब बख्शा नहीं जाएगा।

सेना का एक्शन मोड

नए सिद्धांत के तहत सामरिक संयम की बजाए अब प्रिवेंटिव कार्रवाई की जाएगी। मसलन हमले के बाद एक्शन लेने की बजाए पहले से कठोर कदम उठाए जाएंगे, जिससे आतंकी हमलों को नाकाम किया जा सके। इसमें प्रोएक्टिव डेटेरेंस, प्रिएम्टिव स्ट्राइक्स और प्रिवेंटिव कार्रवाई जैसे कदम शामिल होंगे।

  1. 'फ्यूचर वॉरफेयर एनालिसिस ग्रुप' युद्ध के तरीकों को समझेगा और इसके अनुसार नई प्लानिंग तैयार करेगा।
  2. नया ट्रेनिंग सिस्टम, सेना में आधुनिकीकरण और ऑपरेशनल योजना बनाई जाएगी।
  3. आतंकी हमलों का जवाब भारत अपनी शर्तों पर देगा। मसलन हमले का दिन, तारीख, समय और स्थान सेना खुद चुनेगी।
  4. आतंकियों को पनाह देने वाली सरकार हमले के प्रति जवाबदेह होगी। आतंकवाद और उन्हें पनाह देने वाले आकाओं में भेद नहीं किया जाएगा।
  5. पाकिस्तान की परमाणु बम की गीदड़भभकी से भारत नहीं डरेगा। भारतीय सेना परमाणु संयम बरतने के साथ-साथ सभी तरह के विकल्प अपनाने के लिए आजाद होगी।

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