खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामले में यूपी नंबर वन, दूध-मावा-पनीर से लेकर मिठाइयों की गुणवत्ता पर उठे सवाल
देशभर में खाद्य पदार्थों में मिलावट व गुणवत्ता गंभीर चिंता का विषय है। मिलावट से अधिक चिंताजनक स्थिति गुणवत्ता को लेकर है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मान ...और पढ़ें
HighLights
एफएसएसएआइ की हालिया रिपोर्ट, मप्र में हर 56वां नमूना मिला अधोमानक
दूध-मावा-पनीर से लेकर मिठाइयों तक गुणवत्ता पर सवाल
जेएनएन, इंदौर। देशभर में खाद्य पदार्थों में मिलावट व गुणवत्ता गंभीर चिंता का विषय है। मिलावट से अधिक चिंताजनक स्थिति गुणवत्ता को लेकर है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की हालिया रिपोर्ट चौंकाती हैं। देश में मिलावट के सर्वाधिक मामले उत्तर प्रदेश में पाए गए हैं।
मप्र की बात करें तो यहां हर 56वां नमूना निर्धारित गुणवत्ता मानक पर खरा नहीं उतरा। देश में वर्ष 2024-25 में कुल 6,47,408 खाद्य नमूनों की जांच की गई। इनमें 34,388 नमूने तय मानकों पर खरे नहीं उतरे।
इनमें 22,516 यानी 65.5 प्रतिशत निर्धारित गुणवत्ता मानक से कम थे। 7,945 नमूने असुरक्षित और 3,931 में लेबलिंग अथवा अन्य अनुपालन संबंधी खामियां मिलीं।
खाद्य सुरक्षा का सवाल सिर्फ ऐसी मिलावट पकड़ने तक सीमित नहीं है, जिससे खाद्य पदार्थ सीधे असुरक्षित हो जाए। बाजार में तय गुणवत्ता स्तर से कम उत्पाद भी चिंता का विषय हैं। दूध, पनीर, मावा से लेकर मिठाइयों तक गुणवत्ता पर गंभीर सवाल हैं।
हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी या रसायनों से दूषित भोजन 200 से अधिक बीमारियों का कारण बन सकता है। इनमें दस्त, उल्टी और पेट संबंधी संक्रमण से लेकर कैंसर तक शामिल हैं।
डब्ल्यूएचओ के 2026 के आकलन के अनुसार दुनियाभर में असुरक्षित भोजन से हर साल करीब 86.6 करोड़ लोग बीमार पड़ते हैं और 15.2 लाख लोगों की मौत होती है।
पांच साल से कम उम्र के बच्चों पर इसका जोखिम विशेष रूप से अधिक है। रसायनों के संपर्क से बच्चों के मस्तिष्क के विकास पर असर पड़ सकता है, जबकि सीसा और अकार्बनिक आर्सेनिक जैसे तत्व हृदय रोग और कैंसर का जोखिम बढ़ा सकते हैं।
महाराष्ट्र में डोमिनोज पिज्जा के चार आउटलेट के लाइसेंस एफडीए ने किए निलंबित
महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी नियमों के उल्लंघन के मामले में डोमिनोज पिज्जा के चार आउटलेट के खाद्य कारोबार लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इनमें तीन मुंबई में और एक सतारा जिले में है।
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जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड द्वारा संचालित ब्रांड डोमिनोज के मुंबई में विले पार्ले पश्चिम, बोरीवली पश्चिम और घाटकोपर पश्चिम स्थित आर-सिटी माल के आउटलेट पर कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई चेन रेस्तरां के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा थी।
विले पार्ले आउटलेट में एफएसएसएआइ से मिला लाइसेंस प्रदर्शित करने, पेयजल, खाद्य पदार्थों के भंडारण, कीट नियंत्रण और स्वच्छता सुविधाओं से जुड़ी कमियां मिलीं। बोरीवली आउटलेट में 15% नियमों का अनुपालन नहीं पाया गया।
एफडीए ने खाद्य भंडारण, तापमान निगरानी, खाद्य जांच, साफ-सफाई और कीट नियंत्रण में सुधार के निर्देश दिए। कच्चे एवं पके और शाकाहारी एवं मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग रखने व उपकरणों, बर्तनों की नियमित सफाई के लिए भी कहा गया घाटकोपर आउटलेट में साफ-सफाई, स्वच्छता संबंधी कार्यक्रम और कीट नियंत्रण में कमियां मिलीं।
सतारा के मालकापुर स्थित डोमिनोज आउटलेट और कराड में सैफायर फूड्स इंडिया द्वारा संचालित दो अन्य फास्ट-फूड प्रतिष्ठानों के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं।