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'हाफिज सईद ने कश्मीर भेजे थे 10 हजार आतंकी', लश्कर के मंच से मौलाना ने उगला भारत के खिलाफ जहर

Published: Wed, 19 Aug 2026 08:27 AM (IST)

पाकिस्तानी धर्मगुरु नसीर मदनी ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद ने जम्मू-कश्मीर में 10,000 आतंकवादियों को भेजा था।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सीमा पार से भारत के खिलाफ रची जाने वाली आतंकी साजिशों और पाकिस्तान के नापाक मंसूबों की पोल एक बार फिर उसी की सरजमीं पर खुल गई है।

हाल ही में दिल का दौरा पड़ने के बाद फिर से सार्वजनिक मंच पर लौटे पाकिस्तानी धर्मगुरु नसीर मदनी ने सरेआम यह कबूल किया है कि लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक आतंकी हाफिज सईद ने कश्मीर में 10,000 आतंकवादी भेजे थे।

14 अगस्त को बहावलनगर में एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन के कार्यक्रम में दिए इस बयान ने साबित कर दिया है कि जम्मू-कश्मीर में निर्दोषों के खून-खराबे और सीमा पार आतंकवाद के पीछे कौन सी काली ताकतें सक्रिय थीं।

भारत में हुए हमलों का साजिशकर्ता है हाफिज सईद

हाफिज सईद भारत में हुए कई बड़े और घातक हमलों का मुख्य साजिशकर्ता रहा है। वह उस लश्कर-ए-तैयबा का आका है जिसे अल-कायदा से संबंधों के कारण 2005 में संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंधित किया था और 2008 में अमेरिका ने सईद को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था।

सईद 26/11 के मुंबई हमलों की जांच में मुख्य नाम है, जब 2008 में 10 पाकिस्तानी आतंकियों ने हमला कर 166 लोगों की जान ली थी। मुंबई पुलिस ने इस मामले में फरार छह पाकिस्तानी आरोपियों के खिलाफ़ 'अनुपस्थिति में' मुकदमा चलाने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी है।

अगर 'अनुपस्थिति में' होने वाली कार्यवाही में आरोपी दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें सज़ा सुनाई जाएगी और जब भी उन्हें भारत लाया जाएगा, उन्हें सजा भुगतनी होगी।

पहलगाम हमले में भी आया था नाम

इसके अलावा, अप्रैल 2025 में हुए दर्दनाक पहलगाम आतंकी हमले की जांच में भी सईद का नाम सामने आया है, जिसमें 26 लोगों की जान गई थे। जुलाई में जम्मू की एक अदालत ने इस मामले में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।

मौलाना नसीर मदनी के इस खुले बयान ने भारत के खिलाफ जारी पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों की सच्चाई को पूरी दुनिया के सामने उजागर कर दिया है।