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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रंग लाया जागरण का प्रयास, जर्मनी से भारत आईं गुरप्रीत, सरकार को कहा धन्यवाद

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Thu, 04 Feb 2016 03:02 PM (IST)

जर्मनी में अपनी आठ साल की बेटी के साथ फंसी हरियाणा की बेटी गुरप्रीत भारत आ चुकी हैं। स्वदेश वापसी पर उन्होंने केंद्र सरकार की सराहना करते हुए धन्यवाद किया। दैनिक जागरण की खबर और उसके अभियान ने असर दिखाया।

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। जर्मनी में अपनी आठ साल की बेटी के साथ फंसी हरियाणा की बेटी गुरप्रीत भारत आ चुकी हैं। गुरप्रीत ने भारत सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि संकट की जिस घड़ी में भारत सरकार उनकी मदद के लिए आई उसके लिए वो विदेश मंत्रालय की शुक्रगुजार हैं।

दैनिक जागरण की खबर और उसके अभियान ने असर दिखाया। खबर के बाद जागरण वेबसाइट के साथ-साथ सोशल मीडिया पर चले अभियान पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने खुद मामले का संज्ञान लिया। उनके हस्तक्षेप के बाद जर्मनी के शरणार्थी कैंप मे फंसी महिला व उसके बच्चे को सुरक्षित वाणिज्य दूतावास ले आया गया।

इसकी जानकारी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने खुद ट्वीट के जरिए दी थी। महिला और उसकी बेटी फ्लाइट संख्या A 120 से दिल्ली पहुंचे। साथ ही फौरन कार्यवाही के लिए फ्रैंकफर्ट में भारतीय राजदूत गुरजीत सिंह और कौंसल जनरल रवीश कुमार के काम को सराहा। विदेश मंत्रालय पूछताछ, पासपोर्ट सेवा सपोर्ट और अतिरिक्त सचिव (पासपोर्ट और वीजा) डॉ. एएम गोंडाने की भी तारीफ करते हुए आगे के निवारणों के लिए सूचना देते रहने को कहा।

गौरतलब है कि गुरप्रीत का ससुराल फरीदाबाद में है। उसको ससुराल वालों ने धोखे से जर्मनी के शरणार्थी कैंप में भेज दिया था। जिस वजह से उसकी मुश्किलें बढ़ गई थी। वापस देश आने के लिए उसने सोशल मीडिया के जरिए भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई थी।

जिसके फौरन बाद दैनिक जागरण ने इसे प्रमुखता से लेते हुए अखबार और वेबसाइट दोनों पर प्रकाशित किया। जागरण द्वारा मामले को रीट्वीट कर सुषमा स्वराज तक पहुंचाया गया। जिसके तुरंत बाद सुषमा स्वराज ने फ्रैंकफर्ट स्थित दूतावास को महिला की तुरंत मदद के आदेश दिए थे। गौरतलब है कि मदावाणिज्य दूत ने मामले को लेकर गुरप्रीत के पिता से भी बात की थी।