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    E20 पेट्रोल पर 'फेक न्यूज' फैलाने वालों पर सरकार सख्त, क्विक रिस्पॉन्स टीम का किया गठन

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 12:14 PM (IST)

    सरकार ने E20 फ्यूल को लेकर फैल रही अफवाहों और भ्रामक जानकारियों से निपटने के लिए एक संयुक्त क्विक रिस्पॉन्स टीम का गठन किया है। ...और पढ़ें

    E20 ईंधन पर फेक न्यूज के खिलाफ सरकार सख्त

    E20 ईंधन पर फेक न्यूज के खिलाफ सरकार सख्त

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हाल में नीट पेपर लीक को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद, केंद्र सरकार ने E20 फ्यूल के बारे में ऑनलाइन फैल रही अफवाहों और भ्रामक जानकारियों से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।

    सरकार ने इसके लिए अलग-अलग मंत्रालयों के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम का गठन किया है, जो इंटरनेट और सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही गलत जानकारियों का तुरंत जवाब देगी।

    इस पहल के तहत वाहन निर्माता कंपनियों, ऑटो डीलरों, व्हीकल टेस्टिंग एजेंसियों, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) और पेट्रोल पंप मालिकों को भी साथ लाया गया है, ताकि एक साथ मिलकर सही तथ्य लोगों के सामने रखे जा सकें।

    इसके अलावा, गलत जानकारी और फेक कंटेंट की तुरंत पहचान करने के लिए संबंधित मंत्रालयों में क्विक रिस्पॉन्स टीमें गठित की जा रही हैं।

    कई मंत्रालय मिलकर कर रहे हैं काम

    सूचना एवं प्रसारण, सड़क परिवहन, भारी उद्योग और पेट्रोलियम जैसे प्रमुख मंत्रालयों के अधिकारी इस अभियान में एक साथ आए हैं। यह टीम वैज्ञानिक शोधों और विश्वसनीय रिपोर्टों के आधार पर सही जानकारी जनता तक पहुंचाएगी। सरकार का मुख्य ध्यान युवाओं और वाहन मालिकों पर है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा सक्रिय रहते हैं।

    अधिकारियों के अनुसार, यह एक दुर्लभ और महत्वपूर्ण प्रयास है जहां विभिन्न सरकारी विभाग अलग-अलग काम करने के बजाय एकजुट होकर तथ्यों और वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ सरकार का पक्ष रख रहे हैं।

    केवल दावों और आरोपों का खंडन करने तक सीमित न रहकर, सोशल मीडिया यूजर्स के लिए वाहन चालकों के वास्तविक अनुभव, ऑटो कंपनियों का भरोसा और पेट्रोलियम कंपनियों के आंकड़े भी साझा किए जा रहे हैं।

    शुद्ध पेट्रोल की मांग

    सरकारी अधिकारियों ने साफ किया है कि एथनॉल ब्लेंडिंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों और बिना एथनॉल वाले शुद्ध पेट्रोल पर वापस लौटने की मांगों का जवाब देना सरकार की प्राथमिकता है।

    इसी मुद्दे को लेकर कई संगठन और राजनीतिक दल जनसमर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए सरकार वैज्ञानिक तथ्यों और रिसर्च के जरिए E20 ईंधन की उपयोगिता और फायदों को जनता के सामने स्पष्ट करने में जुटी है।