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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

500-1000 के पुराने नोट रखने पर देना होगा जुर्माना, अध्यादेश को मंजूरी

By Kishor JoshiEdited By:
Updated: Wed, 28 Dec 2016 02:01 PM (IST)

पुराने नोटों को जमा करने के लिए अंतिम तारीख पर अध्यादेश को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है।

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नई दिल्ली (एएनआई)। पांच सौ और एक हजार रुपये के पुराने नोटों पर केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक की धारक के प्रति देयता को खत्म करने वाले अध्यादेश को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को मंजूरी दे दी। इस अध्यादेश को मंजूरी मिलने के बाद अब तय तारीख 31 मार्च 2017 के बाद 500 और 1000 के 10 नोट से ज्यादा पाए गए तो उस पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। इसके अलावा चार साल तक जेल हो सकती है।

इसके तहत एक निश्चित संख्या से अधिक पुराने नोट रखने वाले लोगों के प्रति दंड का प्रावधान भी किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में अध्यादेश को स्वीकार कर लिया गया। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह अध्यादेश कानून बन जाएगा। इस अध्यादेश को लाने के पीछे नोटबंदी के फैसले को वैधता प्रदान करना है।

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1978 में भी जब तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई की सरकार ने नोटबंदी लागू की थी तो इसी तरह के अध्यादेश के जरिए की गई थी। दरअसल प्रत्येक नोट पर रिजर्व बैंक का धारक को दिये गए वचन की बाध्यता से सरकार को यह अध्यादेश मुक्त करता है। इसका अर्थ यह हुआ कि अब पांच सौ और एक हजार रुपये के पुराने नोट कानूनी तौर पर रद्द माने जाएंगे।

हालांकि, 30 दिसंबर के बाद पुराने नोट आरबीआई के पास जमा करवाए जा सकते हैं। खबरों के अनुसार पुराने नोटों को 31 मार्च तक रिजर्व बैंक में जमा करवाने की छूट कुछ विशेष शर्तों के साथ दी जा सकती है। इसमें उन लोगों को छूट मिल सकती है जो विदेशों में रहते हें या फिर दुर्गम जगहों पर तैनात सेना या अर्धसैनिक बलों के लोग हैं।

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