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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Digital Advertising Policy: डिजिटल विज्ञापन नीति को मिली मंजूरी, वेबसाइटों, ओटीटी और पॉडकास्ट जैसे प्लेटफार्मों पर होगी लागू

By Jagran NewsEdited By: Devshanker Chovdhary
Updated: Sat, 11 Nov 2023 12:19 AM (IST)

Digital Advertising Policy 2023 केंद्र सरकार ने डिजिटल विज्ञापन नीति को मंजूरी दे दी है। ये नीति वेबसाइटों ओटीटी और पॉडकास्ट जैसे अन्य डिजिटल प्लेटफार ...और पढ़ें

सरकार ने डिजिटल विज्ञापन नीति को मंजूरी दे दी है। (फाइल फोटो)
सरकार ने डिजिटल विज्ञापन नीति को मंजूरी दे दी है। (फाइल फोटो)

पीटीआई, नई दिल्ली। सरकार ने शुक्रवार को डिजिटल विज्ञापन नीति को मंजूरी दे दी। यह वेबसाइटों, ओटीटी और पॉडकास्ट जैसे अन्य डिजिटल प्लेटफार्मों पर लागू होगी। यह नीति केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों के प्रचार-प्रसार से जागरुकता फैलाने के केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) के मिशन में महत्वपूर्ण साबित होगी।

डिजिटल विज्ञापन नीति के फायदे

नीति के माध्यम से सीबीसी को ओटीटी और वीडियो ऑन डिमांड जैसे प्लेटफार्म के लिए एजेंसियों और संस्थाओं का पैनल बनाने का अधिकार मिलेगा। सीबीसी इन प्लेटफार्मों पर विज्ञापन दे सकता है।

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नीति में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के साथ लागत के लिए प्रतिस्पर्धी बोली का प्रविधान है। इस प्रक्रिया के माध्यम से दरें तीन साल तक वैध रहेंगी और सभी पात्र एजेंसियों पर लागू होंगी। सीबीसी ने वेबसाइट और मोबाइल एप को चार श्रेणी में बांटा है।

नई नीति के क्या है नियम?

दो करोड़ से अधिक यूजर्स वाले साइट और ऐप ए+ श्रेणी में होंगे। एक करोड़ से दो करोड़ यूजर्स वाले ए श्रेणी में, 50 लाख से एक करोड़ वाले बी और 25 हजार से 50 लाख वाले सी श्रेणी में होंगे। पॉडकास्ट के लिए पांच लाख यूनिक यूजर्स की जरूरत होगी।

सीबीसी, विज्ञापन के बदले वेबसाइट और ऐप को पैसे भी देगा। ओटीटी प्लेटफार्मों को दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है - ए श्रेणी में 25 लाख से अधिक यूजर्स और बी श्रेणी में 50 हजार से 25 लाख यूजर्स वाले ओटीटी प्लेटफार्म होंगे।

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