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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Karnataka: 'दिव्यांग पति को नहीं देना होगा गुजारा भत्ता', कर्नाटक HC ने इस मामले में निचली अदालत के आदेश पलटा

By Agency Edited By: Sonu Gupta
Updated: Fri, 12 Apr 2024 10:53 PM (IST)

कर्नाटक हाई कोर्ट ने 75 प्रतिशत दिव्यांग व्यक्ति को अलग रह रही पत्नी को गुजारा भत्ता देने के लिए बाध्य करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने ...और पढ़ें

दिव्यांग पति को नहीं देना होगा गुजारा भत्ता: कर्नाटक HC। फाइल फोटो।
दिव्यांग पति को नहीं देना होगा गुजारा भत्ता: कर्नाटक HC। फाइल फोटो।

पीटीआई, बेंगलुरु। कर्नाटक हाई कोर्ट ने 75 प्रतिशत दिव्यांग व्यक्ति को अलग रह रही पत्नी को गुजारा भत्ता देने के लिए बाध्य करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने उसकी गिरफ्तारी और जुर्माना लगाने के निचली अदालत के आदेश भी पलट दिया। हाई कोर्ट महिला द्वारा दायर गुजारा-भत्ता संबंधी याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने क्या कहा?

जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने व्यक्ति की शारीरिक सीमाओं पर जोर देते हुए कहा कि पति बैसाखी की मदद से चल रहा है और भरण-पोषण के लिए उससे नौकरी की अपेक्षा करना अव्यवहारिक है।

इस मामले में पति-पत्नी के बाद तलाक हुआ था और पत्नी ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 के तहत भरण पोषण के लिए 15,000 रुपये प्रति माह दिए जाने की मांग की थी। हालांकि बाद में पति दिव्यांग हो गया और गुजारा भत्ता देने में अक्षम हो गया।

भरण-पोषण संबंधी याचिका को किया खारिज

हाई कोर्ट ने पति की दिव्यांगता के मद्देनजर उसकी पत्नी द्वारा दायर भरण-पोषण संबंधी याचिका को खारिज कर दिया। हालांकि हाई कोर्ट ने दिव्यांग पति के पिता से पोते के जरूरतों के लिए बेटे की दिव्यांगता से पहले का भुगतान वित्तीय सहायता के लिए महिला को देने को कहा।

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