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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    समुद्री डकैतों के लिए काल बनी Indian Navy तो अमेरिका का आया फोन, लायड ऑस्टिन ने रक्षा मंत्री से कई मुद्दों पर की चर्चा

    By Agency Edited By: Sonu Gupta
    Updated: Mon, 18 Mar 2024 08:30 PM (GMT+05:30)

    अमेरिकी रक्षा मंत्री लायड आस्टिन ने सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से टेलीफोन पर बात की। इस दौरान ऑस्टिन ने हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री डकैती ...और पढ़ें

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने अमेरिकी समकक्ष लायड ऑस्टिन के साथ। फाइल फोटो।
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने अमेरिकी समकक्ष लायड ऑस्टिन के साथ। फाइल फोटो।

    HighLights

    1. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी समकक्ष आस्टिन से फोन पर की बात
    2. क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग पर हुई चर्चा
    3. हाल ही में भारतीय नौसेना ने अपहृत जहाज के 17 सदस्यों को सुरक्षित कराया था रिहा

    नई दिल्ली, आईएएनएस। अमेरिकी रक्षा मंत्री लायड ऑस्टिन (Lloyd Austin) ने सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) से टेलीफोन पर बात की। इस दौरान ऑस्टिन ने हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री डकैती विरोधी अभियान चलाने में भारतीय नौसेना (Indian Navy) के साहस की सराहना की। दोनों नेताओं ने महत्वाकांक्षी भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग रोडमैप को लागू करने के तरीकों पर भी चर्चा की, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना है।

    इन मुद्दों पर हुई चर्चा

    रक्षा मंत्री राजनाथ ने एक्स पर पोस्ट किया, मेरे मित्र लायड ऑस्टिन के साथ टेलीफोन पर बातचीत हुई। द्विपक्षीय, क्षेत्रीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग के मुद्दों पर चर्चा हुई। हमने भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग रोडमैप को लागू करने के तरीकों पर भी चर्चा की।

    रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी रक्षा मंत्री ने हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री डकैती विरोधी अभियान चलाने में भारतीय नौसेना द्वारा निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। अन्य रक्षा औद्योगिक सहयोग मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

    भारतीय नौसेना ने लगातार करीब 40 घंटे तक चलाया ऑपरेशन

    गौरतलब है कि भारतीय नौसेना ने हाल ही में भारतीय तट से लगभग 1,400 समुद्री मील (2,600 किलोमीटर) दूर लगातार करीब 40 घंटे तक चलाए गए ऑपरेशन के दौरान उसने न केवल पूर्व माल्टीज ध्वज वाले अपहृत व्यापारिक जहाज एमवी रुएन के चालक दल के 17 सदस्यों को सुरक्षित रिहा कराया बल्कि 35 सोमालियाई समुद्री लुटेरों को भी आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर कर दिया था।

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    विदेशी जहाजों को मदद कर रही नौसेना

    पिछले कुछ महीनों के भीतर भारतीय नौसेना जलक्षेत्र में कई विदेशी जहाजों के लिए मददगार साबित हुई है। उसने कई जहाजों को समुद्री लुटेरों के कब्जे से छुड़ाया है तो कुछ अन्य की ड्रोन हमले से लगी आग या अन्य तरह से मदद की है।

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