पंजाब में नशे पर सवाल उठाने वाले ग्रामीण की खुदकुशी पर सियासत तेज, कांग्रेस का AAP पर हमला, वित्त मंत्री के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस ने पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले गुलजार सिंह की आत्महत्या पर आप सरकार पर हमला बोला ...और पढ़ें

पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले ग्रामीण की आत्महत्या पर कांग्रेस ने आप सरकार को घेरा
HighLights
कांग्रेस ने गुलजार सिंह आत्महत्या मामले में आप सरकार को घेरा।
वित्तमंत्री हरपाल चीमा को हटाने और एफआईआर की मांग।
नशे के खिलाफ आप के दावों को कांग्रेस ने खोखला बताया।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस ने नशे का मामला उठाने ग्रामीण गुलजार सिंह के आत्महत्या के मामले में पंजाब की आप सरकार पर हमला बोलते हुए सूबे के वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा हटाने की मांग की है।
पार्टी ने दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले गुलजार सिंह के मृत्यु पूर्व दिए बयान में उनकी मौत के लिए चीमा को जिम्मेदार ठहराए जाने के मद्देनजर यह मांग करते हुए कहा कि आप सरकार की प्रदेश में नशे के खिलाफ खोखले दावे की पोल खुल गई है।
कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश तथा पंजाब कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने चीमा के इस्तीफे के साथ ही गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले में उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को चुनौती दी।
कांग्रेस ने यह आरोप भी लगाया कि आम आदमी पार्टी ने राज्य में अराजकता फैला दी है और ड्रग्स की समस्या को रोकने में नाकाम रही है।
जयराम रमेश ने एक्स पोस्ट में कहा कि पंजाब में आप सरकार का खौफनाक और बेहद शर्मनाक चेहरा, नशे (चिट्टे) से बर्बाद अपने बेटे का दर्द बयां करने और वित्तमंत्री हरपाल चीमा से खुलेआम नशा बिकने पर सवाल पूछने वाले गुलजार सिंह को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। सच बोलने पर माफी मांगने का दबाव बनाया गया।
सत्ता के अहंकार में आप नेता भूल गए हैं कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है। शर्मनाक है कि जो सरकार नशे को पूरी तरह से खत्म करने के दावे के साथ आई थी, आज सवाल पूछने वालों की बलि ले रही है।
जयराम ने कहा कि मृतक के पिता ने साफ कहा था कि उनकी मौत के जिम्मेदार मंत्री चीमा हैं और अगर AAP सरकार नशा माफियाओं से नहीं मिली है तो संबंधित मंत्री की तुरंत बर्खास्तगी होनी चाहिए।
उन्हाेंने कहा कि कुछ दिन पहले ही पंजाब पुलिस ने नौजवान मोहनजीत शेरों को टॉर्चर किया, जिसने नशे के मुद्दे को लेकर सीएम मान के कार्यक्रम में विरोध किया था। जनता सब देख रही है। हर जुल्म और अहंकार का हिसाब देना ही होगा।
कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि आप सरकार नशे के खात्मे के झूठे दावे कर रही है मगर हकीकत यह है कि नशा आज पंजाब के घर-घर तक पहुंच चुका है।
चीमा जब नशे के खिलाफ जंग में सफलता की बात कह रहे थे तब दलित गुलजार सिंह ने खुलकर उनके दावे को गलत बताया था। अगले ही दिन सत्ताधारी पार्टी के लोगों द्वारा गुलजार पर सोशल मीडिया पर माफी मांगने का भारी दबाव बनाया गया। प्रताड़ना से परेशान गुलजार ने सल्फास खा लिया और मृत्युपूर्व बयान में कहा कि उन्हें धमकाने के लिए सीधे तौर पर हरपाल सिंह चीमा भी जिम्मेदार हैं।
बाजवा ने चीमा का इस्तीफा लेकर उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज किए जाने की कांग्रेस की ओर से मांग की।
‘आप’ सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के करीबी मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता में हुई एक आंतरिक बैठक के वायरल वीडियो का हवाला देते हुए बाजवा ने दावा किया कि सिसोदिया इसमें कह रहे हैं कि पंजाब में सरकार बनाने के लिए उन्हें चाहे कुछ भी करना पड़े, वह किया जाएगा।
राज्य में पुलिस के रवैये पर सवाल उठाते हुए बाजवा ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार पूरा पंजाब एक पुलिस स्टेट में तब्दील हो गया है।
